आईपीएल 2022 के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन में अब लगभग एक सप्ताह का समय रह गया है। इस मेगा ऑक्शन के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कोरोना महामारी के बीच हो रहे मेगा ऑक्शन में शामिल होने वाले अधिकारियों के लिए बीसीसीआई ने कई तरह की गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में अधिकारियों को सख्ती से कोरोना के नियमों का पालन करना होगा और कोरोना संक्रमण की कोई भी संभावना होने पर उन्हें नीलामी में शामिल नहीं किया जाएगा।
आईपीएल की नीलामी सख्त बायो बबल में होगी। इस दौरान नीलामी में शामिल होने वाले सभी लोगों को कई बातों का ध्यान रखना होगा। जानिए बीसीसीआई ने मेगा ऑक्शन के लिए क्या गाइडलाइन जारी की है।
- नौ, 10 और 11 फरवरी को नीलामी में शामिल होने वाले सभी लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें नीलामी में शामिल होने की अनुमति मिलेगी।
- अगर किसी फ्रेंचाइजी का कोई अधिकारी नीलामी से 15 दिन पहले विदेश से आया है तो उसे कम से कम सात दिन तक क्वारैंटीन रहना होगा। इसके बाद आठवें और नौवें दिन दो बार उसे कोरोना टेस्ट करना होगा। दोनों टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही वह नीलामी में शामिल हो सकेगा।
- 12 और 13 फरवरी को नीलामी में भाग लेने के लिए हर टीम के अधिकारी 11 फरवरी को बेंगलुरू के होटल पहुंचेंगे। इस दौरान बीसीसीआई के अधिकारी ध्यान रखेंगे कि किसी में कोरोना के लक्षण तो नहीं हैं। अगर किसी के अंदर कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उसे बाकी लोगों से अलग कर दिया जाएगा और वह अधिकारी नीलामी में भाग नहीं लेगा।
- 12 फरवरी को नीलामी से पहले सुबह सात बजे तक सभी का कोरोना टेस्ट होगा। ताकि नीलामी प्रभावित न हो और अगर कोई कोरोना से संक्रमित है तो उसे पहले ही बाकी लोगों से अलग कर दिया जाए।
- नीलामी में सिर्फ वही भाग ले सकेंगे, जिनकी सभी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आएंगी। इसके साथ ही उन्हें कोरोना से जुड़े क्वारैंटीन के नियमों का भी पालन करना होगा।
- नीलामी में शामिल होने वाले सभी लोगों को अपनी मेडिकल जानकारी भी जमा करनी होगी। इसमें यह बताया जाएगा कि उन्हें कोरोना के टीके की कितनी खुराक लगी है, टीका कब लगा था और यदि कोरोना संक्रमित हुए हैं तो कितनी बार हुए थे और कब हुए थे। कोई गंभीर बीमारी है तो उसकी जानकारी भी देनी होगी।
- मेगा ऑक्शन के दौरान अधिकारियों को हर समय मास्क लगाकर रखना होगा। साथ ही समय-समय पर हाथ सैनिटाइज करने होंगे।
- नीलामी के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद सभी लोगों को कोरोना के नियमों का पालन करना होगा और इसमें किसी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
- इस बार हर टीम के पर्स में 85 की बजाय 90 करोड़ रुपये हैं। हर टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों की सैलरी काटने के बाद जो रकम बचेगी, उसी से सभी टीमें बाकी खिलाड़ी खरीद पाएंगी। टीमों के पर्स की रकम बढ़ने से ज्यादा घरेलू खिलाड़ियों को आईपीएल खेलने का मौका मिलेगा।
- आईपीएल की मेगा नीलामी में इससे पहले तक सभी टीमों के पास दो राइट टू मैच कार्ड होते थे। एक कार्ड के जरिए हर टीम अपने एक पुराने खिलाड़ी को अपने साथ जोड़ सकती थी। नीलामी के दौरान अगर किसी खिलाड़ी को दूसरी टीम ने खरीद लिया तो उसकी पुरानी टीम राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल करके उसी कीमत पर खिलाड़ी को अपने साथ जोड़ सकती थी। इस बार यह कार्ड नहीं है। क्योंकी नीलामी में दो नई टीमें शामिल हुई हैं और वो इस कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं।