बीसीसीआई ने देश के अंपायरों के लिए ए+ कैटेगरी बनाई है और इस कैटेगरी में देश के 10 सबसे बेहतरीन अंपायरों को शामिल किया है। इसमें आईसीसी एलाइट पैनल के अंपायर नितिन मेनन के अलावा चार अंतरराष्ट्रीय अंपायर भी शामिल हैं। वहीं, ए ग्रुप में 20, बी ग्रुप में 60, सी ग्रुप में 46 और डी ग्रुप में 11 अंपायर शामिल हैं। डी ग्रुप में उन अंपायरों को रखा जाता है, जिनकी उम्र 60 से 65 साल के करीब है।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर के हरिहरन, सुधीर असनानी और अमिएश साहेबा ने बीसीसीआई अंपायरर्स सब कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर सभी अंपायरों की लिस्ट बनाई थी। बीसीसीआई अपेक्स काउंसिल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। इस सूची में सभी अंपायरों के नाम, उनका ग्रेड और सैलरी सहित पूरी जानकारी है।
इन अंपायरों के ए+ ग्रुप में मिली जगह
बीससीसीआई अंपायरों के ए+ ग्रुप में नितिन मेनन के अलावा अनिल चौधरी, मदनगोपाल जयरामन, वीरेंद्र कुमार शर्मा,र के एन अनंतपद्माभनन, रोहन पंडित, निखिल पटवर्धन, सदाशिव अय्यर, उल्हास गांधे और नवदीप सिंह सिद्धू को शामिल किया गया है। ए+ और ए कैटेगरी के अंपायरों को प्रथम श्रेणी स्तर पर एक मैच के लिए 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, बी और सी कैटेगरी के अंपायरों को एक दिन के लिए 30 हजार रुपये दिए जाते हैं।
इस सूची को अंपायर की ग्रेडिंग के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ए+ नया ग्रुप आया है। ए+ और ए कैटेगरी में भारत के शीर्ष अंपायर शामिल किए गए हैं। बी और सी कैटेगरी में भी अच्छे अंपायर हैं। इन्हीं ग्रुप के आधार पर अंपायरों को रणजी और बाकी मैचों में अंपायरिंग के लिए कहा जाएगा। 2021-22 सत्र में प्रदर्शन को देखते हुए अंपायरों को ग्रुप में रखा गया है।
आईसीसी के एलीट पैनल में नितिन मेनन एकमात्र भारतीय अंपायर हैं। इस पर बीसीसीआई से जुड़े सूत्र ने कहा "हम आईसीसी एलीट पैनल पर ज्यादा जोर देते हैं। केवल इंग्लैंड के तीन अंपायर आईसीसी एलीट पैनल में हैं। ऑस्ट्रेलिया के दो और बाकी देशों के एक-एक अंपायर हैं। आप वहां इतने ही अंपायर रख सकते हैं। हमारा ध्यान हर स्तर पर बेहतर अंपायरिंग पर होना चाहिए।"