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BCCI की मनमानियों की उड़ी धज्जियां, नहीं नजर आ रहा बचाव का रास्ता

Wed, 28 Sep 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला नई दिल्ली
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बीसीसीआई - फोटो : getty
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आखिरकार बीसीसीआई की मनमानियों की धज्जियां उड़ गईं। जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि उसकी मनमानियों पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये के बाद स्थिति यह बन पड़ी है कि बोर्ड सदस्यों को कमेटी की सिफारिशों से बचने का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। बोर्ड सदस्यों ने संकेत दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के कोप का भाजन बनने से पहले 30 सितंबर को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर चर्चा के लिए होने वाली विशेष आम सभा में कुछ फैसलों को सिफारिशों के अनुरूप लाया जा सकता है। इनमें इनमें चयन समिति (पांच के बजाय तीन सदस्य करना) और शरद पवार की तैनाती जैसे फैसले प्रमुख हैं।
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इंडिया कहो या भारत, नाम में क्या रखा है: सुप्रीम कोर्ट्र - फोटो : Reuters
स्थिति यह है कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद बोर्ड के दिग्गज पदाधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। दबी जुबान में यही बात सामने आ रही है कि अब बचाव के रास्ते नजर नहीं आ रहे हैं। लोढ़ा समिति की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट यह साफ बताती है कि बीसीसीआई ने कमेटी की सिफारिशों को पूरी तरह दरकिनार कर सुप्रीम कोर्ट से चुनौती लेने जैसी स्थितियां खड़ी कर दीं। दरअसल यह बोर्ड की 21 सितंबर की वार्षिक आम सभा थी जिसने कमेटी को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने पर मजबूर कर दिया। बोर्ड ने सिफारिशों के विपरीत पांच सदस्यीय चयन समिति का गठन किया। 70 साल के शरद पवार को अनुराग ठाकुर की गैरमौजूदगी में आईसीसी की बैठक में शामिल होने का अधिकार दिया, साथ ही सचिव पद पर चुनाव करा अजय शिर्के की नियुक्ति की।

 
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अनुराग ठाकुर - फोटो : getty
कमेटी ने स्टेटस रिपोर्ट में इस उल्लंघन का साफ जिक्र किया है। अमर उजाला ने इस एजीएम के बाद ही साफ कर दिया था कि लोढ़ा कमेटी बोर्ड की इस हिमाकत से जबरदस्त रूप से नाराज हो गई है। जस्टिस लोढ़ा ने बुधवार को कहा भी कि उन्होंने बातचीत के लिए अध्यक्ष ठाकुर और शिर्के को आमंत्रित किया, लेकिन सिर्फ शिर्के ही आए।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेंद्र खन्ना का कहना है कि बोर्ड के पास अब लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है। उन्होंने यहां तक कहा कि कपिल देव, सुनील गावस्कर जैसे खिलाड़ी तो बोर्ड का बचाव कर रहे हैं वे बीसीसीआई के पे रोल पर हैं। खन्ना का कहना है कि जिस श्रीनिवासन के कारण आज बोर्ड को यह दिन देखने पड़ रहे हैं। अब उन्हीं से अपने हित साधने के लिए बोर्ड हाथ मिलाने को तैयार है।   
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