सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को तगड़ा झटका दिया है। वर्ष 2006 से 2010 के बीच हुए क्रिकेट मैचों की रिकॉर्डिंग के लिए बीसीसीआई को सेवा कर के तौर पर 18 करोड़ रूपए जमा करने होंगे। इस संबंध में बीसीसीआई ने केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
दरअसल, केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर ने इन चार वर्षो के दौरान बीसीसीआई को क्रिकेट मैचों की रिकॉर्डिंग के लिए 18 करोड़ रूपए का सेवा कर जमा करने के निर्देश दिए थे। जिसके खिलाफ बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की।
बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर अपीलीय पंचाट के आदेश को सही पाया और बीसीसीआई की अर्जी को खारिज कर दी। अब बीसीसीआई के पास 18 करोड़ रूपए का सेवा कर जमा करने के अतिरिक्त कोई दूसरा चारा नहीं है।