पूर्व सीएजी ने कहा, ‘हम मानते है कि लोकतंत्रिक तरीके से चुनी हुई इकाई को देश में क्रिकेट का संचालन करना चाहिए।’ राय ने इस मौके पर राज्य संघों से निपटने में नरसिम्हा की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हमने उच्चतम न्यायालय में कई स्थिति रिपोर्ट (कुल 10) दायर की। न्यायालय ने सभी संघों को सुना और इसके बाद उन्होंने मध्यस्थता के लिए न्यायमित्र की नियुक्ति की।’
राय ने कहा, ‘न्यायमित्र ने राज्य संघों से बातचीत करने के लिए 150 घंटे से ज्यादा का समय लिया। अंतत: राज्य संघों ने आगे आकर सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है, लगभग 30 संघों के उनका अनुपालन किया।’ राज्य इकाइयों के लिए शीर्ष परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ायी जा सकती है, लेकिन प्रस्ताव के मुताबिक बीसीसीआई में यह नौ सदस्यों तक ही सीमित रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी 2017 में बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को अयोग्य घोषित कर दिया था।