कोरोना काल में घरेलू क्रिकेट की वापसी को लेकर बीसीसीआई द्वारा मांगे गए सुझाव पर राज्य संघों ने अपने-अपने विचार दिए हैं। 2020-21 के सत्र के लिए अधिकतर राज्य संघों ने मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के आयोजन को प्राथमिकता दी है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अधिकतर संघों ने टी-20 टूर्नामेंट से शुरुआत करने का सुझाव दिया है तो वहीं कुछ ने 50 ओवर के विजय हजारे ट्रॉफी के आयोजन की बात कही है। इनके अलावा कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने टी-20 के साथ रणजी ट्रॉफी को कराने का प्रस्ताव दिया है।
टी-20 टूर्नामेंट का सुझाव देने वाले राज्य संघों के मुताबिक, कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए छोटे फॉर्मेट को कराना ज्यादा बेहतर होगा। इसमें समय भी कम लगेगा और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर भी अच्छे से ध्यान दिया जा सकेगा।
गौरतलब है कि महामारी और लॉकडाउन की वजह से बीसीसीआई ने देश में अभी तक क्रिकेट प्रतियोगिताओं की शुरुआत नहीं की है। आईपीएल का आयोजन भी बोर्ड ने यूएई में करवाया था। हालांकि अब जब हर देश में जैविक सुरक्षित माहौल में क्रिकेट की शुरुआत हो चुकी है तब ऐसे में बीसीसीआई भी इस दिशा में कोशिश कर रही है। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट का आयोजन करने के लिए सीमित मुकाबलों के सत्र के ढांचे पर बुधवार तक राज्य संघों की सलाह मांगी थी।
संघों को लिखे पत्र में बोर्ड ने घरेलू मुकाबलों के आयोजन को लेकर चार विकल्प दिए गए जिसमें पहला विकल्प सिर्फ रणजी ट्रॉफी का आयोजन है। दूसरा विकल्प सिर्फ सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट का आयोजन है। तीसरे विकल्प में रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का संयोजन होगा जबकि चौथा विकल्प दो सीमित ओवरों के टूर्नामेंट (सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी) के लिए विंडो तैयार करना है।
पत्र के अनुसार बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के संभावित समय पर भी बात की है। रणजी ट्रॉफी (11 जनवरी से 18 मार्च) के लिए 67 दिन प्रस्तावित किए गए हैं। मुश्ताक अली ट्रॉफी के आयोजन के लिए 22 दिन (20 दिसंबर से 10 जनवरी) की जरूरत होगी जबकि अगर विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन होता है तो यह 11 जनवरी से सात फरवरी के बीच 28 दिन में आयोजित हो सकता है। बीसीसीआई 38 टीमों के घरेलू टूर्नामेंट के लिए छह स्थानों पर जैविक रूप से सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।
बोर्ड ने हाल में इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन यूएई में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में किया था और अध्यक्ष सौरव गांगुली ने जोर देते हुए कहा था कि आम तौर पर अगस्त में होने वाले घरेलू सत्र भी शुरू किया जा सकता है।