भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा है कि बोर्ड विवादास्पद अंपायर फैसला समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) में अड़चन नहीं डाल रहा है लेकिन उसका मानना है कि यह तकनीक सटीक नहीं है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘हमने डीआरएस में अड़चन डालने की कोई नीति अख्तियार नहीं कर रखी है। हम ऐसी चीजों में विश्वास नहीं करते हैं।
विभिन्न बोर्डों में आपस में चर्चा करके इस बात पर सहमति जताई है कि डीआरएस लागू करने का फैसला द्विपक्षीय होना चाहिए। मैं और लोगों पर अपना फैसला नहीं थोपता चाहता हूं लेकिन इस मामले में हमारा रख पहले दिन से ही स्पष्ट है। हमारा मानना है कि यह तकनीक सटीक नहीं है।’
उन्होंने कहा कि आईसीसी की यह स्वीकारोक्ति कि अब डीआरएस तकनीक में भारत के पिछले इंग्लैंड दौरे की तुलना में सुधार हुआ हैस इस बात का प्रमाण है कि इस तकनीक में कई खामियां हैं। बीसीसीआई का मानना है कि तकनीक का इस्तेमाल तभी होना चाहिए जब वह सटीक हो।