7 जनवरी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की थी। साथ ही साथ बेहतर सुविधाओं के लिए डॉक्टर्स और स्टाफ का धन्यवाद किया था। लगभग हफ्ते भर अस्पताल में रहने के बाद 48 वर्षीय गांगुली घर में आराम कर रहे थे। घर जाने के बाद भी वह मेडिकल टीम से संपर्क में थे। हृदय तक जाने वाली उनकी तीन प्रमुख धमनियों में रुकावट पाई गई थी, उन्हें एक स्टेंट डाला गया था। एक से दो हफ्ते के बीच में दादा की एक और एंजियोप्लास्टी होने की भी खबर थी।
सौरव ने सीके खन्ना की जगह ली थी, जो 2017 से बोर्ड के अंतरिम प्रमुख थे। गांगुली का कार्यकाल शुरुआत में नौ माह का था, लेकिन वह और बोर्ड के सचिव जय शाह अपने पद पर बरकरार हैं। सुप्रीम कोर्ट में अगले माह इस मामले की सुनवाई होनी है। गांगुली उस समय बीमार पड़े, जब इस साल अप्रैल-मई में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले उनके राजनीति में उतरने को लेकर बाजार गरम है। राज्य के राजनीतिक जगत से जुड़े लोगों के अनुसार गांगुली भारतीय जनता पार्टी से जुड़ सकते हैं। इस पूर्व बल्लेबाज ने हालांकि राजनीति में आने को लेकर कभी अपने इरादे जाहिर नहीं किए।