भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की अपेक्स काउंसिल (शीर्ष परिषद) की रविवार को हुई दूसरी बैठक में एथिक्स ऑफिसर की नियुक्ति और भारतीय क्रिकेटर संघ के लिए कोष जारी करने को मंजूरी दी गई।
पिछले साल फरवरी में बीसीसीआई ने न्यायमूर्ति डी के जैन को पहला लोकपाल नियुक्त किया गया था। वह आचरण अधिकारी का भी काम देख रहे थे जब सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़ और कपिल देव जैसे बड़े खिलाड़ियों के हितों के टकराव का मसला उभरा था।
अब देखना है कि जैन के कार्यकाल का विस्तार होता है या सौरव गांगुली की अगुवाई वाला बोर्ड नई नियुक्ति करता है। इसके साथ ही आईसीए के कोषों को जारी करने का फैसला भी लिया गया। यह भारत में खिलाड़ियों का पहला संघ है जो लोढ़ा समिति की सिफारिशों के आधार पर गठित किया गया। इसे शुरुआती तौर पर बीसीसीआई से अनुदान मिलेगा लेकिन बाद में खुद पैसा जुटाना होगा।