भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अपेक्स काउंसिल की बैठक में रविवार को फैसला लिया गया कि रणजी और विजय हजारे ट्रॉफी में से किसी एक का ही इस बार आयोजन हो सकता है।वर्चुअली आयोजित इस बैठक में इसके अलावा फ्यूचर टूर प्रोग्राम 2023-2031 सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बोर्ड (बीसीसीआई) रणजी टॉफी का आयोजन कराना चाहता है। दोनों टूर्नामेंटों के आयोजन के लिए समय नहीं है। हालांकि, कुछ दिनों में इस पर फैसला आ जाएगा।'
आईसीसी के करों से संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। यह पहले ही तय किया जा चुका है कि अगर केंद्र सरकार करों में छूट नहीं देती है तो भारत विश्व संस्था से कहेगा कि वह उसे मिलने वाले वार्षिक राजस्व से उतनी धनराशि काट ले।
वहीं, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में नए कोचों की बहाली को लेकर भी चर्चा हुई। एनसीए बहाल हुए 11 कोचों के अनुबंध को और नहीं बढ़ाएगा। इसके अलावा इंग्लैंड सीरीज के कोरोना से संबंधित एसओपी को लेकर भी बातचीत हुई। इस दौरान बीसीसीआई ने फैसला किया कि जो एसओपी आईपीएल के दौरान था, उसी का पालन किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था, 'अभी 90 प्रतिशत संभावना है कि रणजी ट्रॉफी फरवरी में शुरू होगी और हमारे पास सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए तैयार किए छह बायो बबल ही होंगे। इसके लिए भी पांच ग्रुप में छह छह टीमें जबकि एक ग्रुप में आठ टीमें होंगी।'