उम्र में धोखाधड़ी करने वालों के क्रिकेटरों के खिलाफ बीसीसीआई ने कड़ी कार्रवाई का फैसला किया है। अब ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले क्रिकेटरों को बोर्ड के सभी मान्यता प्राप्त टूर्नामेंटों से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।
बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा कि खेल में आयु धोखाधड़ी को लेकर बोर्ड की शून्य सहिष्णुता की नीति है। बीसीसीआई के टूर्नामेंट में पंजीकरण के दौरान जन्म तिथि के प्रमाण पत्र से छेड़छाड़ के दोषी क्रिकेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
सत्र की शुरुआत में जैसा की राज्य संघों को बताया गया, बीसीसीआई दोहराना चाहता है कि 2018-19 सत्र से जो भी क्रिकेटर अपनी जन्म तिथि से छेड़छाड़ का दोषी पाया जाता है उसे अयोग्य घोषित किया जाएगा।
साथ ही बीसीसीआई के किसी भी टूर्नामेंट में खेलने से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा, जो 2018-19 और 2019-2020 सत्र होगा। इससे पहले क्रिकेटर पर एक साल का प्रतिबंध लगता था।
सितंबर में बीसीसीआई ने मेघालय की ओर से खेलने जा रहे दिल्ली के खिलाड़ी जसकीरत सिंह सचदेवा को अंडर-19 टूर्नामेंट में खेलने के लिए जाली जन्म प्रमाण पत्र देने पर प्रतिबंधित कर दिया था।