आईसीसी अध्यक्ष जय शाह, पीसीबी चीफ नकवी और बीसीबी अध्यक्ष बुलबुल
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और आईसीसी के बीच वर्चुअल बैठक होनी है, लेकिन इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीन उल इस्लाम लाहौर पहुंच गए हैं। दरअसल, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप का ग्रुप चरण का मुकाबला खेलने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान यह बात अच्छी तरह जानता है कि भारत के खिलाफ नहीं खेलने पर क्रिकेट की वैश्विक संस्था उसके विरुद्ध कार्रवाई कर सकती है, इसलिए वह इस बचने के लिए हर कदम उठा रहा है।
क्यों होनी है बैठक?
- इस गतिरोध को सुलझाने के लिए पीसीबी और आईसीसी के बीच बैठक होनी है। लेकिन इससे पहले ही बीसीबी अध्यक्ष इस्लाम लाहौर पहुंचे हैं।
- माना जा रहा है कि वह पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से मुलाकात करेंगे।
- नकवी ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के सरकार के निर्देशों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की है लेकिन एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) द्वारा पीसीबी को एक ईमेल भेजने के बाद स्थिति बदल गई है।
- इस ईमेल में उनसे बहिष्कार खत्म करने का आग्रह किया गया है।
आईसीसी के सीईओ कोलंबो में मौजूद
आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता भी एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा से मिलने कोलंबो गए हैं जिन्होंने नकवी को विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए ईमेल भेजा था। आईसीसी पहले ही पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांग चुका है कि फोर्स मेज्योर (अपरिहार्य कारणों से अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं कर पाना) नियम का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। पाकिस्तान इस नियम के जरिए टीम के भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार को सही ठहराना चाहता था क्योंकि पीसीबी ने अपनी सरकार पर जिम्मेदारी डालकर स्थिति से बचने की कोशिश की थी।
पीसीबी ने आईसीसी से किया था संपर्क
- इस बीच, पीसीबी ने आईसीसी से बातचीत के लिए संपर्क किया है।
- आईसीसी के एक निदेशक ने यह जानकारी दी जिन्हें लगता है कि यह बड़ा मुकाबला आखिरकार होगा।
- आईसीसी वर्तमान में बोर्ड के साथ एक व्यवस्थित तरीके से संभावित समाधान खोजने के लिए बातचीत कर रहा है, इस विचार के साथ कि खेल का हित एकतरफा कार्रवाई से ऊपर होना चाहिए।
- पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया था।
- बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मुकाबलों के लिए भारत जाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उनकी जगह स्कॉटलैंड को प्रतियोगिता में शामिल किया गया।