फातुल्लाह में खेले जा रहे टेस्ट मैच में मेजबान बांग्लादेश के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को गजब की शुरुआत मिली।
लेकिन इस गजब शुरुआत से पहले हम आपको एक बेहद दिलचस्प बात बताने जा रहे हैं और वह है कि जून के महीने में बांग्लादेश पहली बार किसी टेस्ट मैच की मेजबानी कर रहा है। इस महीने में इस देश में मानसून दस्तक देता है और बारिश की संभावना बनी रहती है।
लगभग 5 साल बाद बांग्लादेश की धरती पर टेस्ट मैच खेलने गई टीम इंडिया 6 महीने बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेलने उतरी है। ऐसे में सभी के दिमाग में यह बात थी कि इन 6 महीनों में टीम इंडिया के खिलाड़ी वनडे और ट्वंटी-20 (आईपीएल) के मैच खेलने में व्यस्त रहने के बाद पांच दिन के इस मैच में वे किस तरह की शुरुआत कर पाएंगे।
हालांकि टॉस जीतने के बाद भारतीय पारी की शुरुआत करने आए मुरली विजय और शिखर धवन ने टीम को शतकीय साझेदारी करते हुए शानदार शुरुआत दिला दी। लेकिन मैच से पहले बांग्लादेश में दस्तक दे चुके मानसून के कारण बारिश होने की आशंका थी जो खेल के पहले ही सत्र में शुरू भी हो गई।
बाद में टी-ब्रेक के बाद खेल शुरू हुआ और फिर धवन (नाबाद 150) ने शतक ठोंक दिया। जबकि मुरली विजय 89 रनों पर खेल रहे थे।
बारिश के बीच धवन ने उछाला कैच, बांग्लादेश ने टपकाया
उम्मीद के मुताबिक शिखर धवन और मुरली विजय दोनों ने टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया की वापसी जोरदार तरीके से कराई। दोनों ने शुरुआत तो बेहद धीमे तरीके से की लेकिन बाद में धवन ने तेजी से बल्लेबाजी करनी शुरू कर दी जिससे स्कोरबोर्ड आगे बढ़ने लगा। उन्होंने चौका लगाकर अपना अर्धशतक 47 गेंदों में पूरा किया।
हालांकि दूसरे छोर पर विजय भले ही धवन का बखूबी साथ दे रहे हों लेकिन उनकी बल्लेबाजी अभी रन बनाने के लिए संघर्ष करती दिखी। पारी के दूसरे ओवर में विजय पर पगबाधा की जोरदार अपील भी की गई थी। लेकिन वह अपना विकेट बचाने में कामयाब रहे।
बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन ने वनडे क्रिकेट के अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए गेंद और रन के बीच ज्यादा अंतर नहीं होने दिया। हालांकि अभी भारतीय पारी का अभी 24वां ओवर डाला रहा था कि अचानक बारिश शुरू हो गई।
बारिश के बीच खेल नहीं रोका गया और खेल जारी रहा लेकिन इस बीच बांग्लादेश को एक बेहद आसान मौका मिला जिसका इंतजार उन्हें पहली ही गेंद से था।
बारिश शुरू होने के बाद दूसरी ही गेंद पर धवन ने तैजुल इस्लाम की टर्न होती गेंद को खेलने का प्रयास किया जो हवा में तैरती हुई शॉर्ट मिडविकेट की दिशा में चली गई वहां पर मौजूद क्षेत्ररक्षक ने छोटी सी डाइव लगाकर कैच लपकने का प्रयास किया लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं रहा।
इस जीवनदान के बाद बारिश तेज हो गई जिससे एक और गेंद (23.3 ओवर) डालने के बाद ही खेल को रोक दिया गया। बारिश लंच से आधे घंटे पहले शुरू हो गई थी जिस कारण बाद में यहीं पर लंच भी घोषित कर दिया गया। इस तरह से बारिश के बीच खेले गए एक खराब शॉट की वजह से जीवनदान पाने के बाद धवन जहां अपना विकेट बचाए रखने में सफल रहे वहीं मेजबान टीम ने मैच दुबारा शुरू होने की स्थिति में भारत पर दबाव बनाने का मौका गंवा दिया।
बारिश के बाद धवन ने उठाया जीवनदान का फायदा
बारिश आने से पहले शिखर धवन को मिले जीवनदान का उन्होंने बखूबी फायदा उठाया। धवन ने बल्लेबाजी में आक्रमकता जारी रखी और ताबड़तोड़ चौकों के साथ पहले शतक फिर डेढ़ सेंचुरी जमाई। उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे मुरली विजय हालांकि धीमे रहे लेकिन टीम की ओर से इकलौता छक्का मुरली ने ही लगाया।
दोनों ने पहले दिन की समाप्ति तक नाबाद 239 रनों की साझेदारी के साथ धवन और मुरली की जोड़ी ने वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की बराबरी कर ली है। टीम इंडिया की इस जोड़ी ने भी दूसरी बार बतौर ओपनर 200 से ज्यादा रन की साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले सहवाग और गंभीर भी इस रिकॉर्ड को बना चुके है।
इस मैच में दो और रिकॉर्ड बने। बांग्लादेश के खिलाफ बल्लेबाजी में भारत की ओर से ओपनिंग जोड़ी ने 8 वीं बार 50 से ऊपर रन बनाए है। इसमें 14 पारियों में 5 शतक भी शामिल है। इसके अलावा शिखर धवन और मुरली विजय की जोड़ी 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली छठी भारतीय जोड़ी बन गई है।