बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच पाकिस्तान ने पारी और आठ रनों से जीत लिया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने यह सीरीज भी 2-0 के अंतर से अपने नाम की। ढाका में खेले गए दूसरे मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन बारिश के चलते शुरुआती दिनों में ज्यादा खेल नहीं हो सका। इसके बावजूद पाकिस्तान ने यह मैच अपने नाम किया। पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर साजिद खान ने इस मैच में 12 विकेट अपने नाम किए और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और आबिद अली को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने भी इस मैच में गेंदबाजी की और आखिरी समय में अहम साझेदारी को तोड़कर अपनी टीम को जीत के करीब ले गए। इसके बाद साजिद खान ने बाकी विकेट लेकर पाकिस्तान को मैच और सीरीज में जीत दिला दी। इस मैच में बारिश ने काफी समय बर्बाद किया, लेकिन पाकिस्तान ने सिर्फ 214.7 ओवर के खेल में ही यह मैच अपने नाम कर लिया। आमतौर पर एक टेस्ट मैच में 450 ओवर का खेल होने की संभावना रहती है।
पहली पारी में पाकिस्तान की शानदार बल्लेबाजी
इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और चार विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की। बांग्लादेश के चार बल्लेबाजों न अर्धशतक लगाया। कप्तान बाबर आजम ने सबसे ज्यादा 76 रन बनाए। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 32 ओवर में 87 रन बनाकर आउट हो गई। शैन्तो और शाकिब के अलावा कोई दूसरा बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। वहीं पाकिस्तान के साजिद खान ने आठ विकेट लिए।
अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके शाकिब
पहली पारी में बांग्लादेश को सस्ते में समेटने के बाद पाकिस्तान ने फॉलोऑन दिया। दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 84.4 ओवर में 205 रन पर सिमट गई और यह मैच पारी और आठ रन से हार गई। बांग्लादेश के लिए मुश्फिकुर रहीम ने 48 और शाकिब अल हसन ने 63 रन बनाए। विकेटकीपर लिटिन दास ने भी 45 रन की पारी खेली। हालांकि ये बल्लेबाज अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके। पाकिस्तान के लिए साजिद खान ने चार, शाहीन अफरीदी और हसन अली ने दो-दो विकेट लिए। वहीं कप्तान बाबर ने एक अहम विकेट अपने नाम किया।
आखिरी विकेट का रोमांच
बांग्लादेश की दूसरी पारी में नौवां विकेट गिरने के बाद उनका स्कोर 204 रन रन था। बांग्लादेश की टीम पाकिस्तान से नौ रन पीछे थी और उनका एक विकेट बचा था। मैच का पांचवां दिन चल रहा था और आखिरी कुछ ओवर बचे हुए थे। अब बांग्लादेश को बाकी के ओवर खेलने थे या नौ रन बनाने थे। नौ रन बनने पर पाकिस्तान को जीत के लिए फिर से बल्लेबाजी करनी पड़ती और इसमें काफी समय बर्बाद होता। इस वजह से मैच ड्रॉ होने की संभावना बढ़ जाती। वहीं रोशनी कम होने के कारण अंपायर ने सिर्फ स्पिन गेंदबाजों को ही गेंदबाजी करने की अनुमति दी थी।
अगर पाकिस्तान दूसरी बार बल्लेबाजी करने आता तो बांग्लादेश तेज गेंदबाज से गेंदबाजी कराने की बात कहकर मैच रोक सकता था। कुल मिलाकर बांग्लादेश को या तो नौ रन बनाने थे या बाकी के ओवर खेलने थे। ऐसे में बांग्लादेश ने बाकी के ओवर खेलने का फैसला किया। उनका यह फैसला गलत साबित हुआ और पाकिस्तान ने आखिरी के ओवरों में अंतिम विकेट लेकर मैच जीत लिया।