भले ही दिल्ली की एक अदालत ने आईपीएल के छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में क्रिकेटरों को आरोपमुक्त कर दिया हो बावजूद इसके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत और स्पिनर अंकित चव्हाण पर से आजीवन प्रतिबंध हटाने पर पुनर्विचार नहीं करेगा।
दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने पिछले सप्ताह श्रीसंत, चव्हाण और अजीत चंदीला सहित 36 आरोपियों को आईपीएल छह में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में आरोपमुक्त कर दिया था।
कोर्ट द्वारा आरोपियों को बरी किए जाने के तुरंत बाद बीसीसीआई ने क्रिकेटरों के ऊपर जारी प्रतिबंध हटाने से मना कर दिया था। केरल क्रिकेट संघ (केसीए) ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि श्रीसंत को फिर से खेलने की अनुमति दी जाए लेकिन बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा है कि दोनों क्रिकेटरों पर लगे आजीवन प्रतिबंध पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा।
ठाकुर ने बुधवार को कहा, "बीसीसीआई की अनुशासन समिति द्वारा लगाया गया प्रतिबंध जारी रहेगा। अनुशासनात्मक कार्रवाई अलग होती है और आपराधी कार्रवाई अलग होती हैं। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई जो अनुशासत्मक और भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की रिपोर्ट के आधार पर थी लिहाजा इनपर प्रतिबंध लागू रहेगा। उपरोक्त खिलाड़ियों को जांच के दौरान जेल में समय बिताना पड़ा था। बीसीसीआई ने श्रीसंत और चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगाया है जबकि चंदीला की सुनवाई अब भी चल रही है।"