पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार कप्तान बाबर आजम एक बार फिर से मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। लाहौर की एक अदालत ने उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में बाबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश हामिद हुसैन ने एक महिला हमिजा मुख्तार की याचिका पर गुरुवार को लाहौर में फेडरल जांच एजेंसी को यह आदेश दिया। याचिका में महिला ने दावा किया है कि पाकिस्तानी कप्तान के खिलाफ मामला दायर करने के बाद उन्हें वॉट्सएप पर धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं।
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि हमिजा ने साइबर अपराध से जुड़े विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी और जांच करने पर पता चला कि जिन नंबरों से धमकी भरे संदेश भेजे गए उनमें से एक नंबर बाबर आजम का भी है। उधर इस पूरे मामले में खुद बाबर आजम ने भी सफाई दी है और अपना पक्ष रखा है।
बाबर का मानना है कि यौन उत्पीड़न के आरोपों से उनका फॉर्म प्रभावित नहीं होगा क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर उन्हें जीवन में बाधाओं का सामना करने की आदत है। आजम ने स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में उनके आसपास के निजी मुद्दे दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के आगामी दौरों पर उनके क्रिकेट को प्रभावित नहीं करेंगे।
पाकिस्तानी कप्तान ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह मेरा निजी मुद्दा है और यह अदालत में है और मेरे वकील इसे संभाल रहे हैं। हम जीवन में सभी प्रकार की बाधाओं का सामना करते हैं और मैं इसका अभ्यस्त हूं। इस मुद्दे ने मेरे फॉर्म या क्रिकेट को प्रभावित नहीं किया है।