पाकिस्तान क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने PSL 2026 जीतने के बाद अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया कि क्या अब वह किसी एक फॉर्मेट पर ज्यादा ध्यान देंगे, तो बाबर ने बीच में ही जवाब देते हुए कहा, 'टेंशन न लें, मैं तीनों फॉर्मेट खेलूंगा।' बाबर की कप्तानी में पेशावर जाल्मी ने पीएसएल का दूसरा खिताब जीता। हालांकि फाइनल में बाबर गोल्डन डक पर आउट हो गए, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा।
तीनों फॉर्मेट खेलने पर क्या बोले बाबर?
बाबर आजम ने कहा, 'यह खिलाड़ी का काम नहीं है कि वह तय करे कौन सा फॉर्मेट छोड़े। खिलाड़ी का काम खेलना है। मेरी राय में हर खिलाड़ी को क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट खेलने चाहिए। सिर्फ व्हाइट-बॉल या टी20 पर ध्यान नहीं देना चाहिए। रेड-बॉल क्रिकेट आपको बहुत अनुभव देता है। यह आपको पारी बनाना और धैर्य रखना सिखाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'जब आप चार दिन का क्रिकेट या घरेलू क्रिकेट खेलते हैं तो लंबे रन बनाने का अनुभव मिलता है। टेस्ट क्रिकेट से जो धैर्य और मानसिकता मिलती है, उसका फायदा वनडे और टी20 में भी होता है।'
पहली बार पीएसएल जीतने पर खुशी
अपने करियर में पहली बार पीएसएल ट्रॉफी जीतने पर बाबर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए। कभी चीजें देर से मिलती हैं और कभी जल्दी मिल जाती हैं।'
बल्ले से भी चमके बाबर
इस सीजन बाबर आजम ने 11 मैचों में 588 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। हालांकि टी20 क्रिकेट में उनकी स्ट्राइक रेट और बल्लेबाजी शैली को लेकर सवाल उठते रहे थे। इस पर बाबर ने कहा, 'जहां तक बल्लेबाजी की बात है, मैं खुद अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया था। लेकिन ऐसा होता है। कभी-कभी आप अपनी योजना के मुताबिक चीजें लागू नहीं कर पाते।'
खराब दौर से कैसे निकले?
बाबर ने बताया, 'ऐसे समय में आप खुद को देखते हैं, गलतियों का विश्लेषण करते हैं और उन्हें सुधारते हैं। मैंने भी यही किया। मेरे परिवार और करीबी दोस्तों ने मेरा बहुत साथ दिया। कोचों से बात की और अपने खेल पर काम किया। जिंदगी रोलरकोस्टर की तरह चलती है, कभी अच्छा समय आता है तो कभी बुरा।'
टी20 वर्ल्ड कप के बाद बदला नजरिया
बाबर ने कहा, 'वर्ल्ड कप से लौटने के बाद मैं उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया था, इसलिए थोड़ा निराश था। लेकिन मेरे पास ज्यादा समय नहीं था। मैंने अपनी गलतियां देखीं, तकनीक और मानसिकता पर काम किया। इस पीएसएल में मेरा लक्ष्य सिर्फ नैचुरल गेम खेलना था।' बाबर के इस बयान के बाद साफ है कि वह आने वाले समय में पाकिस्तान के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलते रहना चाहते हैं।