पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ने के अनिल कुंबले के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इस पूर्व महान लेग स्पिनर ने अपने आत्मसम्मान को देखते हुए सही फैसला किया। जून में लंदन में चैंपियन्स ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों शिकस्त के दो दिन बाद कुंबले ने विवादास्पद हालात में अपना पद छोड़ दिया था। कुंबले को वेस्टइंडीज दौरे के लिए सेवा विस्तार दिया गया था लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया जिससे उनके मुख्य कोच के कार्यकाल का विवादास्पद परिस्थितियों में अंत हुआ।
अनिल के साथ जो हुआ मुझे उसके लिए दुख
Mohammad Azharuddin
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अजहर ने कहा, ‘‘मुझे उसके लिए काफी दुख होता है। यह दुखद है कि इस तरह की चीज अनिल के साथ हुई। अनिल को जानने के कारण मुझे नहीं लगता कि वह इस तरह का व्यक्ति है। शायद उसने सोचा होगा कि आत्मसम्मान गंवाने से बेहतर दूर हो जाना होगा। मुझे लगता है कि उसने सही फैसला किया।’’ तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप (1992, 1996 और 1999) में भारत की अगुआई करने वाले अजहर हैदराबाद स्थित कंपनी बिगकोड गेम्स के थ्री डी मोबाइल गेम ‘अजहर-द कैप्टन’ के लांच पूर्व कार्यक्रम में संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
दो पीढ़ियों के बीच में तुलना करना मुश्किल
विराट कोहली और रवि शास्त्री
अजहरूद्दीन मौजूदा मुख्य कोच रवि शास्त्री की इस टिप्पणी से भी सहमत नहीं हैं कि भारत की पिछले 20 साल की टीमों ने वह हासिल नहीं किया जो मौजूद टीम ने हासिल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘उन दिनों की भारतीय टीम मौजूदा टीम से अलग थी इसलिए तुलना करना अनुचित है। उन दिनों वह (शास्त्री) भी टीम का हिस्सा थे इसलिए वह खुद को भी इसमें शामिल कर रहे हैं। गेंदबाज अलग थे, विरोधी टीमें अलग थी इसलिए दो पीढ़ियों के बीच में तुलना करना मुश्किल होता है। ’’ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने अजहर के ऊपर से मैच फिक्सिंग के सभी आरोप हटा दिए है और इसे लगभग पांच साल बीत जाने के बावजूद उन्हें बीसीसीआई से अपनी लंबित राशि नहीं मिली है।