पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सचिन तेंदुलकर को सलाह दी है कि उन्हें अपने बल्लेबाजी के तरीके में कुछ बदलाव करना चाहिए, ताकि तेजी से आती गेंदों को संभाला जा सके।
अजहर का कहना है कि हालिया वक्त में तेंदुलकर कई बार बोल्ड हुए हैं और अगर वह बल्लेबाजी करते वक्त खड़े होने के अंदाज में बदलाव करते हैं, तो उन्हें फायदा होगा।
उनका कहना है कि चेस्ट-ऑन स्टांस से तेंदुलकर को कुछ अतिरिक्त समय मिलेगा और बॉल की स्विंग से निपटने में आसानी मिलेगी। इससे मास्टर ब्लास्टर को दक्षिण अफ्रीका की उछाल लेती पिचों पर आसानी होगी, जहां भारतीय टीम को अगली टेस्ट सीरीज खेलनी है।
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'यूं तो सभी अपना खास स्टाइल रखते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि तेंदुलकर चेस्ट ऑन स्टांस अपना सकते हैं, जो उन्हें तेज गेंदबाजों को खेलने में मदद देगा।'
उन्होंने कहा, 'उम्र बढ़ने के साथ-साथ रिफ्लेक्स धीमे पड़ते हैं, लेकिन तेंदुलकर जैसी तकनीक होने के कारण आप इससे निपट सकते हैं।'
एकदिवसीय मैचों से संन्यास लेने वाले तेंदुलकर पिछली 37 टेस्ट पारियों में आठ दफा बोल्ड हुए हैं, जबकि दस बार एलबीडब्ल्यू आउट हुए।
99 टेस्ट और 334 एकदिवसीय मैच खेलने वाले अजहर ने कहा, 'साइड ऑन स्टांस के साथ आप केवल एक आंख से आती गेंद देख सकते हैं, लेकिन चेस्ट ऑन स्टांस से आप दोनों आंखों से देख पाते हैं।'
उनका कहना है, 'इससे बल्लेबाज को स्विंग को कवर करने का भी मौका मिलता है। मुझे लगता है कि ऐसा कर तेंदुलकर इनस्विंगर को बेहतर तरीके से खेल सकते हैं।'