26 रन पर दो विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम संभलने लगी थी। तीसरे विकेट के लिए मार्श और उस्मान ख्वाजा के बीच 56 रन की साझेदारी भी हो चुकी थी। इसके पहले कि यह जोड़ी भारत के लिए खतरा बनती, रवींद्र जडेजा ने अपने बाहुबल और चुस्ती-फुर्ती के दम पर ख्वाजा को खेल खत्म कर दिया।