ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक ही रही। एडिलेड में हुए पहले टेस्ट में फतह हासिल कर विराट कोहली अब सबसे सफल एशियाई कप्तान बन चुके हैं। उनका यह रिकॉर्ड सिर्फ इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में भी उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया है।
पहला टेस्ट जीतने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत पाएगा। बता रहे हैं अपने दौर के दिग्गज कंगारू बल्लेबाज डीन जोंस।
एडिलेड में ऑस्ट्रेलियाई टीम काफी बेहतर थी। मेरे पिता हमेशा कहते थे कि सिर्फ बल्लेबाजी पर ध्यान दो...अगर तुम पांच घंटे तक बल्लेबाजी कर सकते हो, तो शतक अपने आप हो जाएगा। मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज काफी जल्दबाजी में हैं। हमारे शीर्ष छह बल्लेबाजों में एक है, जिसका प्रथम दर्जे के क्रिकेट में 40 का औसत है, जबकि भारत के शीर्ष बल्लेबाजों में सबका औसत 50 से ज्यादा है। वे जानते हैं कि शतक बनाना क्या होता है। वे जानते हैं कि पुजारा की तरह लंबी पारी खेलने की जरूरत होती है। एक नया स्टेडियम पर्थ में उनका इंतजार कर रहा है। इस स्टेडियम के लिहाज से स्टार्क और हेजलवुड को काफी अनुभवी माना जा रहा है। उनकी तरह ही शमी भी इस स्टेडियम के अनुसार खेलने में माहिर हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन बेहतर कर पाता है। इस पिच पर गेंद उछलेगी और उसके अनुसार खेलना चुनौती भरा हो सकता है। मुझे लगता है कि दोनों टीमें पुराने ऑर्डर में ही खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया एरोन फिंच को खेलने का मौका देगा, क्योंकि वह स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। भारत की कुछ कमजोरियां हैं। एक यह है कि ओपनिंग बल्लेबाज अब भी संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी यह कि रोहित को रोहित शर्मा की तरह ही बल्लेबाजी करनी होगी, क्योंकि ये टेस्ट मैच है, उन्हें अलग तरह से खेलना होगा। अगर उनके साथ ऋषभ पंत भी शामिल हो जाते हैं, तो फिर ऑस्ट्रेलिया का खेल खत्म करने में देर नहीं लगेगी। मैंने शुरुआत से कहा है कि भारत ये सीरीज 3-0 से जीतेगा। वह अच्छा खेल रहे हैं, इसके लेकर मैं काफी आश्वस्त हूं।