विंडीज के खिलाफ हार के बाद कप्तान धोनी ने एक ऐसा काम कर दिया जिसने हर ओर चर्चा का माहौल बना दिया। साथ ही एक पत्रकार को 'हीरो' भी बना दिया।
ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार सैम फेरिस भारतीय कप्तान धोनी से अपनी खास मुलाकात को जीवनभर नहीं भूलेंगे। बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान जब फेरिस ने धोनी से संन्यास को लेकर सवाल पूछा तो धोनी ने उन्हें अपने पास बुलाकर बैठा लिया और उनके साथ हल्के-फुल्के माहौल में बातचीत की। साथ ही कहा कि अगर किसी भारतीय पत्रकार ने यह सवाल पूछा होता तो कहता कि क्या तुम्हारा कोई भाई या पुत्र है जो मेरी जगह ले सकता है तो मैं अपने भविष्य तय करने को तैयार हूं।
सैम फैरिस ने एक वेबसाइट पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मुझे अंदाजा नहीं था कि मेरे संन्यास संबंधी सवाल पूछने पर धोनी मुझे अपने पास बुला लेंगे और मैं हर टीवी न्यूज बुलेटिन में चमकूंगा।"
उन्होंने कहा, "मैंने कुछ अटपटा सवाल नहीं पूछा था क्योंकि 34 साल के धोनी ने सीमित ओवरों की क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल कर लिया है। उन्होंने अपनी कप्तानी में 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीता, 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीता। 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी टीम को दिलाई। 2014 में उन्होंने एमसीजी में अचानक ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। मैं सोच रहा था कि टी-20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में हार के बाद धोनी इस बारे में कुछ कहना चाहेंगे।"
फेरिस ने बताया कि पहले तो धोनी के पास आकर बैठने के निमंत्रण को उन्होंने विनम्रता से टाल दिया लेकिन जब उन्होंने दुबारा जोर दिया तो उनकी क्या हिम्मत जो वह भारत के सबसे सफल कप्तान के अनुरोध को ठुकरा पाते। उन्होंने कहा, "मैं उनके पास पहुंचा तो धोनी ने दोनों हाथ खोलकर मेरा स्वागत मोहक मुस्कान के साथ किया वही मुस्कान जो टीवी विज्ञापनों के दौरान विभिन्न उत्पादों के प्रचार के दौरान उनके चेहरे पर रहती है।"