टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट खेलने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। स्टार्क का कहना है कि वह लाल गेंद के प्रारूप में सफलता हासिल करने के लिए अपने शरीर का भरपूर इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। स्टार्क ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेते हुए बताया था कि वह टेस्ट और वनडे प्रारूप में अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए खेल का सबसे छोटा प्रारूप छोड़ रहे हैं।
2021 टी20 विश्व कप में निभाई थी अहम भूमिका
स्टार्क ने टी20 विश्व कप से पहले ही इस प्रारूप को छोड़ दिया है, लेकिन उनकी नजरें एशेज सीरीज और 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप पर लगी हुई हैं। स्टार्क ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया को टी20 विश्व कप का पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। स्टार्क ने कहा, मैं जितना संभव हो सके उतना टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए अपने शरीर का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहता हूं। मुझे लगा कि मुझे दूसरे प्रारूपों में से एक को छोड़ना होगा। मुझे लगता है कि मेरे पास वनडे टीम को देने के लिए बहुत कुछ है और मेरा लक्ष्य 2027 तक अपनी फिटनेस बनाए रखना है। साथ ही 2027 में होने वाले विश्व कप के लिए टीम में जगह बनाने के लिए भी काफी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
उन्होंने कहा, मैं इसको लेकर असमंजस में था कि कौन सा प्रारूप रखना सही रहेगा। मैंने 2027 में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए वनडे को चुना। मुझे अब भी लगता है कि मेरे पास वनडे टीम को देने के लिए बहुत कुछ है। मैंने इस बारे में काफी सोचा था। मुझे लगता है कि शायद यह सही समय था। मैं 35 साल का हो गया हूं। टेस्ट क्रिकेट हमेशा मेरे लिए पहली प्राथमिकता रहा है और आगे भी रहेगा।