मेलबर्न को नई मलिका मिलना तय है। जापान की युवा टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने अपना स्वप्निल सफर जारी रखते हुए गुरुवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
दिग्गज सेरेना विलियम्स को हराकर यूएस ओपन के रूप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले 21 वर्षीय ओसाका ने चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिस्कोवा को 6-2,4-6,6-4 से मात देकर लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
शनिवार को अब मेलबर्न में अपनी पहली ट्रॉफी के लिए चौथी वरीय ओसाका को चेक गणराज्य की ही 28 वर्षीय पेत्रा क्वितोवा की चुनौती से पार पाना होगा। दो बार की विंबलडन चैंपियन क्वितोवा ने अमेरिका की डेनियल कोलिंस को 7-6 (7-2), 6-0 से मात देकर पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2016 में चाकू से चोर के हमले में घायल होने के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई।
यह मेरे लिए सब कुछ है। इसीलिए, मैं इतनी कड़ी मेहनत करती हूं ताकि मैं ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंच सकूं। आखिरकार मैंने इतने बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में कदम रख लिया है। फाइनल में चाहे जो भी हो मैं उससे खुश ही रहूंगी। -पेत्रा क्तिवोवा
-05 साल बाद किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचीं क्वितोवा। इससे पहले 2014 में उन्होंने विंबलडन जीता था
-02 बार लगातार किसी ग्रैंड सलैम के खिताबी मुकाबले में पहुंचीं ओसाका। उन्होंने पिछले सात यूएस ओपन जीता था
पिछले साल यूएस ओपन जीतने के बाद लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाली ओसाका अमेरिका की जेनिफर कैप्रियाती 2001 के बाद दूसरी खिलाड़ी हैं। वहीं ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली एशिया की दूसरी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले चीन की ली ना तीन बार (2011, 2013, 2014) में खिताबी मुकाबले में पहुंची और 2014 में जीती भी।
चैंपियन के साथ नंबर वन भी
इन दोनों खिलाड़ियों में से जिसके सिर ताज सजेगा उसी को नंबर एक की कुर्सी भी मिलेगी। सिमोना हालेप अगले हफ्ते जारी होने वाली रैंकिंग में नंबर एक रैंकिंग गंवा देंगी। नाओमी अभी चौथे और क्वितोवा छठे नंबर पर है।