ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच का वीजा दूसरी बार रद्द कर दिया है और उन्हें हिरासत में ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री एलेक्स हॉक ने कहा है कि जोकोविच के कारण देश में 'नागरिक अशांति' का खतरा है। कोरोना के टीके का विरोध करने वाले लोग उन्हें अपने प्रतिनिधि की तरह देखते हैं। इसके बाद जोकोविच पर तीन साल का बैन लगाया जा सकता है। उन्हें 2024 तक ऑस्ट्रेलिया के अंदर आने की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि अभी ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट में जोकोविच के मामले की सुनवाई होनी है और अगर वो केस जीतते हैं तो बैन से बच सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया सरकार के मंत्री एलेक्स हॉक ने कहा है कि जोकोविच के ऑस्ट्रेलिया में रहने से देश में अशांति फैल सकती है और लोग कोरोना वैक्सीन का बहिष्कार कर सकते हैं। ऐसे हालातों से बचने के लिए ही जोकोविच का वीजा दूसरी बार रद्द किया गया है।
जोकोविच ने दलील दी थी कि वो हाल ही में कोरोना से संक्रमित हुए थे और अब उनसे किसी को भी संक्रमण फैलने की आशंका न के बराबर है। हॉक ने यह दलील स्वीकार की, लेकिन उन्होंने कहा कि कोरोना के टीके का विरोध करने वाली आबादी जोकोविच को अपने प्रतिनिधि के तौर पर देखती है।
हॉक ने कहा "मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में जोकोविच की उपस्थिति से ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में टीकाकरण विरोधी भावना बढ़ सकती है। ऑस्ट्रेलिया में पहले ही कोरोना के टीके के खिलाफ कई रैलियां और विरोध हुए हैं। इनकी संख्या और इनमें भीड़ बढ़ने से कम्युनिटी ट्रांसमिशन फैल सकता है। जोकोविच एक रुतबे वाले व्यक्ति हैं और लोगों के बीच उनका खासा प्रभाव है। कोरोना से संक्रमित होने के बाद उन्होंने जिस तरह का व्यवहार किया, उससे ऑस्ट्रेलिया में उनकी उपस्थिति अन्य लोगों को कोरोना गाइडलाइन न मानने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
जोकोविच का वीजा रद्द होने पर उन्हें भविष्य में भी ऑस्ट्रेलिया का वीजा हासिल करने में परेशानी हो सकती है। अगर उनके ऊपर तीन साल का बैन लगाया जाता है तो 37 या 38 साल की उम्र के बाद ही ऑस्ट्रेलियन ओपेन में भाग ले पाएंगे। उन्होंने यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड नौ बार जीता है।
क्या थी जोकोविच के वकील की दलील
जोकोविच के वकील ने हॉक की बातों को तर्कहीन बताया और कहा कि अनुचित तरीके से इस फैसले को जनता के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि "मंत्री ने ऐसे किसी सबूत का हवाला नहीं दिया जो उनके इस निष्कर्ष का समर्थन करता हो कि ऑस्ट्रेलिया में जोकोविच की उपस्थिति 'टीकाकरण विरोधी भावना को बढ़ावा दे सकती है।"
क्या है पूरा मामला ?
जोकोविच पांच जनवरी को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे, जहां एयरपोर्ट में ही उनका वीजा रद्द कर दिया गया था और उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। जोकोविच ने अब तक कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है और ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीन को लेकर नियम सख्त हैं। जोकोविच ने मेडिकल परेशानी की हवाला देते हुए कहा कि वो फिलहाल वैक्सीन नहीं लगवा सकते। इस आधार पर उन्हें 18 नवंबर को वीजा दे दिया गया था।
ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद उनसे मेडिकल परेशानी के सबूत मांगे गए। यहां पर उनकी तरफ से कहा गया कि 16 दिसंबर को ही उन्हें कोरोना हुआ था। ऐसे में वो फिलहाल वैक्सीन नहीं लगवा सकते और उनसे किसी को भी संक्रमण फैलने की आशंका बेहद कम है। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट में ही रोक लिया गया और उनका वीजा रद्द कर दिया गया।
एक बार जीत चुके हैं केस
वीजा रद्द होने के बाद जोकोविच चार दिन तक आव्रजन विभाग के होटल में रुके थे और इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद अदालत ने जोकोविच को सही ठहराया। उनके सारे कागज लौटाने का आदेश दिया गया और ऑस्ट्रेलियन ओपेन में उनके खेलने का रास्ता लगभग साफ हो चुका था। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने दूसरी बार इस खिलाड़ी का वीजा रद्द कर दिया और उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया। जोकोविच के मामले पर अदालत में सुनवाई होनी है, लेकिन 17 जनवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में उनका खेलना लगभग नामुमकिन है।
जोकोविच की तरफ से यह दलील दी गई है कि अगर उनके ऑस्ट्रेलिया में आने से नागरिक अशांति का खतरा है तो 18 नवंबर को उन्हें वीजा क्यों दिया गया था और इसके बाद भी कोर्ट ने उनका वीजा कैसे मान्य कर दिया।
टूर्नामेंट के लिए टीकाकरण जरूरी
विक्टोरिया प्रदेश सरकार ने 17 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को प्रवेश की अनुमति दी है जिन्हें कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। 34 साल के जोकोविच फिलहाल पुरुषों की रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में 20 ग्रैंडस्लैम समेत कुल 84 खिताब जीते हैं। उनके पास कुल 1154 करोड़ रुपये की इनामी राशि है।
कोरोना संक्रमित होने के बावजूद पत्रकार से मिले थे
दिसंबर 2021 में जोकोविच की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद वो सर्बिया के कई कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। उन्होंने खुद माना था कि वो कोरोना संक्रमित होने के बाद एक पत्रकार से मिले थे। इसी व्यवहार का हवाला देते हुए ऑस्ट्रेलियाई मंत्री ने कहा है कि जोकोविच की मौजूदगी से ऑस्ट्रेलिया में नागरिक अशांति भड़क सकती है और लोग सड़कों पर आकर कोरोना के टीके के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे कोरोना विस्फोट का खतरा है।