इंदौर टेस्ट में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा है। इस मैच में जीत के साथ ही कंगारू टीम ने सीरीज में वापसी की है और भारत की बढ़त 2-1 है। इंदौर में जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी प्रवेश कर लिया है। वहीं, भारत के लिए अब फाइनल की राह मुश्किल हो गई है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने के लिए भारत को हर हाल में अहमदाबाद टेस्ट जीतना होगा। ऐसा नहीं होने पर भारत टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए किस्मत भरोसे होगा।
इंदौर में भारत की हार का विश्लेषण करते हुए इयान चैपल ने कहा कि इस सीरीज में भारत के लिए सबसे बड़ा अंतर ऋषभ पंत की गैर मौजूदगी रही है। पंत पिछले साल दिसंबर में एक भयानक कार दुर्घटना का शिकार हुए थे, उन्हें गंभीर चोट लगी थी और ठीक होने के लिए सर्जरी की जरूरत थी। उनकी सर्जरी हो चुकी है, लेकिन वह लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहेंगे।
पंत की अनुपस्थिति में केएस भरत मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में भारत के लिए विकेट कीपिंग कर रहे हैं। हालांकि, बल्ले से भरत का योगदान कुछ खास नहीं रहा है। कई लोगों ने महसूस किया कि इंदौर में भारतीय टीम को पंत की जरूरत थी, जो अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से विपक्षी टीम पर दबाव बना देते हैं और इसका फायदा सभी बल्लेबाजों को मिलता है।
एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में चैपल ने कहा कि एक बड़ा अंतर मेजबानों के लिए पंत की अनुपस्थिति रही है और हर कोई धीरे-धीरे यह देखना शुरू कर रहा है कि 25 वर्षीय पंत भारतीय टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण है। चैपल ने कहा, "एक बड़ा अंतर यह है कि इस भारतीय टीम में ऋषभ पंत नहीं है। उन्होंने यह देखना शुरू कर दिया है कि भारतीय टीम के लिए ऋषभ पंत कितना महत्वपूर्ण हैं।"
पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया की भी यही राय थी और उन्होंने कहा कि अगर पंत लाइनअप का हिस्सा होते तो कुह्नमैन और नाथन लियोन के खिलाफ जमकर रन बनाते और ये गेंदबाज इतने सफल नहीं होते।
कनेरिया ने कहा था "अगर आप ऋषभ पंत से पूछेंगे कि इन स्पिनरों के खिलाफ कैसे बल्लेबाजी करनी है, तो वह आपको अपने पैरों का उपयोग करने, गेंद की पिच पर पहुंचने और गेंद को दूर तक मारने के लिए कहेंगे। अगर वह वहां होते, तो वह लियोन और कुह्नमैन को नहीं छोड़ते। वह उनके खिलाफ तेजी से रन बनाकर उन्हें अपनी गेंद की लेंथ बदलने के लिए मजबूर करते। भारतीय बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया है।"