ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर बयान दिया है। मैकडोनाल्ड का कहना है कि वह पंत की सिडनी टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी से चिंतित थे। उनका बयान ऐसे समय आया है जब पंत ने पांचवें टेस्ट के अंतिम दिन दूसरी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी की जिससे भारत दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 141 रन बनाने में सफल रहा।
पंत ने खेली आक्रामक पारी
पंत ने दूसरी पारी में विपरीत अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मिचेल स्टार्क की लगातार गेंदों पर बड़े छक्के जड़े। उन्होंने स्कॉट बोलैंड और ब्यू वेबस्टर को भी नहीं बख्शा और दोनों गेंदों के खिलाफ छक्के लगाए। सिडनी में पंत ने चौके-छक्कों की बरसात कर दी और इस सीरीज में पहली बार वह अपने पुराने रंग में नजर आए। पंत ने इसी कड़ी में 50 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया और ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज अर्धशतक लगाने का भी रिकॉर्ड अपने नाम किया। पंत 33 गेंद में छह चौके और चार छक्के की मदद से 61 रन बनाकर आउट हुए। पंत ने 29 गेंद में अर्धशतक जड़ा। यह ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी बल्लेबाज द्वारा टेस्ट में सबसे तेज अर्धशतक है।
मैकडोनाल्ड ने कहा, सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगा कि पंत की आज की बल्लेबाजी को देखकर काई हैरानी नहीं हुई। हम हालांकि पहली पारी में उनकी बल्लेबाजी से थोड़े हैरान थे। उसके पास गेंदबाजों पर दबाव बनाने की शानदार क्षमता है। हमने उसके खिलाफ योजना बनाई थी, हमने इस सीरीज के लिए उसके लिए योजना बनाई थी। हम इस दौरान कई बार अपनी योजनाओं से भटक रहे थे और उसे बाउंड्री लगाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह एक ऐसी पारी थी जिसके बारे में आप कहेंगे कि यह उस समय के लिए सही थी।
कोहली के बारे में क्या बोले मैकडोनाल्ड?
इस दौरे पर विराट कोहली नौ पारियों में आठ बार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर विकेट के पीछे (विकेटकीपर या स्लिप में) लपके गए। ऑस्ट्रेलिया के कोच मैकडोनाल्ड ने टीम के गेंदबाजों खासकर बोलैंड को सलाह दी थी कि कोहली के खिलाफ ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी जारी रखे। बोलैंड ने इस सीरीज में भारतीय दिग्गज को चार बार आउट किया। मैकडोनाल्ड से जब पूछा गया कि क्या कोहली को इस तरह आउट करना आसान था? उन्होंने कहा, नहीं, कोहली को आउट करना कभी आसान नहीं होता है। मैं योजना को लागू करने का पूरा श्रेय गेंदबाजों को दूंगा। योजना बनाना एक बात है, लेकिन फिर उसे मैदान पर उतारना दूसरी बात है। इससे कोहली काफी दबाव में आ गया। उसने कुछ रणनीति बनाई। कोहली ने अपनी क्रीज से बाहर निकलने की कोशिश की है। उसने अलग-अलग रणनीति भी आजमाई है। लेकिन स्पष्ट रूप से हमारे गेंदबाजों, विशेष रूप से बोलैंड का सामना करना उसके लिए काफी मुश्किल रहा।