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IND vs AUS: बॉक्सिंग डे टेस्ट में नहीं खेल पाने का नाथन मैकस्वीनी को है मलाल, बोले - मैं टूट चुका हूं

Sat, 21 Dec 2024 02:47 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न

सार

मैकस्वीनी के करियर की शुरुआत अच्छी नहीं रही है और उन्होंने पहले तीन मैचों में 72 रन बनाए थे। 25 वर्षीय इस बल्लेबाज को भारत ए और शेफील्ड शील्ड में अच्छे प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिली थी।
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मैकस्वीनी - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम दो टेस्ट से बाहर किए जाने के बाद सलामी बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी ने चुप्पी तोड़ी है। मैकस्वीनी का कहना है कि वह इससे काफी दुखी हैं और पूरी तरह टूट चुके हैं। मैकस्वीनी भारत के खिलाफ पहले तीन टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके थे जिसके बाद उनकी जगह अगले दो टेस्ट के लिए सैम कोंसटास को शामिल किया गया। 
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प्रभावित नहीं कर सके थे मैकस्वीनी 
मैकस्वीनी के करियर की शुरुआत अच्छी नहीं रही है और उन्होंने पहले तीन मैचों में 72 रन बनाए थे। 25 वर्षीय इस बल्लेबाज को भारत ए और शेफील्ड शील्ड में अच्छे प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिली थी। 25 वर्ष के मैकस्वीनी ने पर्थ में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन पिछली छह पारियों में उनका स्कोर 10, 0, 39, नाबाद 10, 9 और 4 रहा। उन्हें सीरीज में चार बार भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आउट किया।  

वापसी के लिए प्रतिबद्ध मैकस्वीनी 
मैकस्वीनी ने हालांकि कहा कि वह कड़ी मेहनत करके दोबारा टीम में जगह बनाएंगे। मैकस्वीनी ने कहा, हां मैं टूट चुका हूं। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का मेरा सपना सच हुआ लेकिन उस तरह से नहीं, जैसे मैं चाहता था। लेकिन खेल में ऐसा होता है। मैं कड़ी मेहनत करके अगले मौके के लिए खुद को तैयार करूंगा। क्रिकेट में ऐसा ही है। मौका मिलने पर अच्छा नहीं खेलते हैं तो आपकी जगह सुरक्षित नहीं है। मैं चूक गया लेकिन अब फिर मेहनत करके टीम में दोबारा जगह बनाऊंगा।
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क्लार्क ने खड़े किए थे सवाल 
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज माइक हसी ने मैकस्वीनी से हमदर्दी जताते हुए कहा, 'मुझे उसके लिए दुख हो रहा है। यह बहुत कठिन फैसला था।' इससे पहले, टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने मैकस्वीनी को बाहर किए जाने के फैसले का विरोध किया था और चयनकर्ताओं को खरी-खोटी सुनाई थी। क्लार्क ने कहा था, मैकस्वीनी को बाहर किया गया और मैं यह भरोसा नहीं कर सकता। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनकी जगह ओपनिंग में कौन आएगा। मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं ने गलत किया है। हमारे पास उस्मान ख्वाजा हैं जो 38 साल के हैं और उन्होंने ज्यादा रन नहीं बनाए हैं। वह एक सीनियर खिलाड़ी हैं। हमारे पास मार्नस लाबुशेन हैं जो सीरीज से पहले दबाव में थे और अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। 
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