जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर पहला वनडे मुकाबला खेला जा रहा है। पहले वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। इस मैच में मैदान पर उतरने के साथ ही जिम्बाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने सचिन तेंदुलकर का सबसे लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
लंबे समय तक वनडे खेलने वाले खिलाड़ी बने
टेलर ने संन्यास और आईसीसी के साढ़े तीन साल के निलंबन के बाद 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। अब वह 2004 में अपने डेब्यू के बाद से 22 साल और 146 दिन तक वनडे क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने भारत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिनका 1989 से 2012 तक 22 साल और 91 दिनों का शानदार वनडे करियर रहा। अब टेलर सबसे लंबे समय तक वनडे क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
पुरुषों के वनडे क्रिकेट में सबसे लंबा करियर
| करियर की अवधि |
खिलाड़ी |
देश |
कब से कब तक |
| 22 वर्ष 148 दिन* |
ब्रेंडन टेलर |
जिम्बाब्वे |
2004–* |
| 22 वर्ष 91 दिन |
सचिन तेंदुलकर |
भारत |
1989–2012 |
| 21 वर्ष 184 दिन |
सनथ जयसूर्या |
श्रीलंका |
1989–2011 |
| 20 वर्ष 272 दिन |
जावेद मियांदाद |
पाकिस्तान |
1975–1996 |
| 20 वर्ष 187 दिन |
सीन विलियम्स |
जिम्बाब्वे |
2005–2025 |
जिम्बाब्वे के सफल बल्लेबाजों में होती है गिनती
टेलर जिम्बाब्वे के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। अपने वनडे करियर में टेलर अब तक 205 पारियों में 6,704 रन बना चुके हैं। वह जिम्बाब्वे की ओर से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ एंडी फ्लावर हैं, जिन्होंने 208 पारियों में 6786 रन बनाए। टेलर ने अपने करियर में तीनों फॉर्मेट में जिम्बाब्वे की कप्तानी भी की है। उन्होंने वनडे विश्व कप 2015 में शानदार प्रदर्शन किया था और दो शतक लगाए थे। इनमें से एक शतक उन्होंने भारत के खिलाफ बनाया था।
विश्व कप 2015 में भारत के खिलाफ मैच के बाद टेलर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के काउंटी क्लब नॉटिंघमशायर के साथ तीन साल का करार किया। हालांकि, वह इस अनुबंध को पूरा नहीं कर सके और अपने आखिरी सीजन के दौरान ही क्लब छोड़ दिया। इसके बाद में क्रिकेट से दूर रहने के दो साल से अधिक समय के बाद टेलर ने फिर से जिम्बाब्वे टीम में वापसी की और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया।