भारतीय टीम का प्रदर्शन चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक शानदार रहा है और टीम खिताबी मुकाबले में पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया के नियमित कप्तान पैट कमिंस ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि भारत को टूर्नामेंट में एक ही मैदान पर खेलने का फायदा मिल रहा है और अब इसे लेकर स्टीव स्मिथ ने भी अपनी राय रखी है। स्मिथ की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलिया टीम को सेमीफाइनल में भारत के हाथों हार मिली और उसका सफर इस आईसीसी टूर्नामेंट में समाप्त हो गया।
भारत के सभी मैच दुबई में
चैंपियंस ट्रॉफी का मेजबान पाकिस्तान है, लेकिन भारत ने इसके लिए पड़ोसी देश की यात्रा करने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने भारत के सभी मुकाबले दुबई में कराने का फैसला किया था। स्टीव स्मिथ ने रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम के दुबई में लंबे समय तक रहने को सेमीफाइनल में हार का बहाना नहीं बनाया बल्कि स्वीकार किया कि एक बेहतर टीम ने उन्हें पछाड़ दिया।
स्मिथ को भारत को बताया जीत का हकदार
चैंपियंस ट्रॉफी से ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने के बाद वनडे प्रारूप से संन्यास लेने वाले स्मिथ ने कहा कि भारत ने मंगलवार को विजेता बनने के लिए बहुत अच्छा क्रिकेट खेला। स्मिथ ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, मैं भारत के पिच और हालात से परिचित होने की बात पर अधिक तवज्जो नहीं दे रहा। भारत ने यहां बहुत अच्छा क्रिकेट खेला। यहां की पिच स्पिनरों की मौजूदगी में उनकी शैली के अनुकूल है। उनके पास ऐसे विकेट के लिए तेज गेंदबाज हैं। वे अच्छा खेले, उन्होंने हमें पछाड़ दिया और वे जीत के हकदार थे।
स्मिथ को 300 रन नहीं बना पाने का मलाल
स्मिथ को इस बात का मलाल है कि 37वें ओवर में चार विकेट पर 198 रन बनाकर काफी मजबूत स्थिति में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने 300 रन के करीब स्कोर बनाने का मौका गंवा दिया। स्मिथ ने कहा, हमारे पास 300 रन से अधिक का स्कोर बनाने के लिए कई मौके थे। पारी के दौरान शायद कई मौकों पर हमने एक अधिक विकेट गंवा दिया। अगर हम इनमें से किसी एक साझेदारी को थोड़ा और आगे बढ़ाते तो हम शायद 290-300 रन बना सकते थे।
मैच में 73 रन की संयमित पारी खेलने वाले स्मिथ ने स्वीकार किया कि दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने कहा, यह स्पष्ट रूप से बल्लेबाजी करने के लिए सबसे आसान विकेट नहीं था। पिछले कुछ महीनों में यहां काफी क्रिकेट हुआ है। हम देख सकते हैं कि यह टूट रहा है और शायद यही कारण है कि हमने अब तक टूर्नामेंट में यहां 300 रन से अधिक का स्कोर नहीं देखा। इसलिए हमने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया लेकिन शायद साझेदारियों की कमी थी जिससे कि हम 300 या इससे अधिक का स्कोर बना पाते।