भारतीय टीम इस बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल जीतकर ट्रॉफी के लंबे इंतजार को खत्म करना चाहेगी। पिछले 10 वर्षों में टीम इंडिया कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है। आखिरी बार एमएस धोनी के नेतृत्व में भारत ने साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। साल 2014 में टी20 विश्व कप फाइनल और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बेहद करीब आकर भारत को हार का सामना करना पड़ा। साल 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का मुंह देखना पड़ा।
सात जून से शुरु होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा। यह मैच इंग्लैंड के ओवल मैदान पर खेला जाएगा। ऐसा कहा जा रहा है कि मैच इंग्लैंड की तेज पिचों पर होने के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम को ज्यादा मदद मिलेगी और उनके टेस्ट चैंपियन का फाइनल जीतने के आसार भी ज्यादा हैं।
भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री को विश्वास है कि यह भारतीय टीम उस आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने का पूरा माद्दा रखती है। शास्त्री ने यह भी बताया कि दोनों टीम में से कोई भी पसंदीदा टीम नहीं हो सकती।
शास्त्री ने कहा "आपको लड़ना पड़ेगा और कभी-कभी आपको किस्मत की भी जरूरत पड़ेगी। मैं यह नहीं कह रहा की हम ने अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है.. हमने बहुत अच्छा क्रिकेट खेला है केवल किस्मत हमारे पक्ष में नहीं रही है। मैं हमेशा कहता हूं कि यह टीम आईसीसी ट्रॉफी जीतने का माद्दा रखती है। जब मैं वहां था मैं तब भी यही कहता था, खासकर पिछले तीन-चार वर्षों में। तब भी टीम आईसीसी ट्रॉफी जीत सकती थी, वह सभी खिलाड़ी अभी भी टीम में हैं। सभी कह रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया की जीत के आसार ज्यादा हैं, क्योंकि वह इंग्लैंड में खेल रहें हैं लेकिन, यह केवल एक टेस्ट मैच है.. एक खराब दिन और आपके मौके खत्म। ऑस्ट्रेलिया को सतर्क रहना चाहिए।"
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए दोनों टीमें तैयारी शुरू कर चुकी हैं। फाइनल मुकाबला सात जून से इंग्लैंड के ओवल में खेला जाएगा। इस मैदान पर स्टीव स्मिथ का रिकॉर्ड शानदार है। ऐसे में टीम इंडिया को कड़ी तैयारी करनी होगी और स्मिथ को छोटे स्कोर पर आउट करने की योजना बनानी होगी।