प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले स्कॉट बोलैंड
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ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच जीतकर एशेज सीरीज अपने नाम कर ली है। इस मैच में सात विकेट लेने वाले स्कॉट बोलैंड को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बोलैंड 32 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला टेस्ट मैच खेलने उतरे थे और मौका मिलते ही अपने घरेलू मैदान पर इतिहास रच दिया। पहली पारी में सिर्फ एक विकेट लेने वाले बोलैंड ने दूसरी पारी में सिर्फ चार ओवरों में इंग्लैंड के छह बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस दौरान उन्होंने सिर्फ सात रन दिए और एक ओवर मेडन फेंका। वो इससे पहले 2016 में इंग्लैंड के लिए वनडे और टी-20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन किसी भी फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।
ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेलने से पहले बोलैंड को लंबा इंतजार करना पड़ा। घरेलू क्रिकेट में लगातार दो सालों तक अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें ऑस्ट्रेलिया की टीम में मौका नहीं मिल रहा था। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में हेजलवुड चोटिल हुए तो उनकी उम्मीदें जगी, लेकिन उनकी जगह झाय रिचर्डसन को टीम में शामिल किया गया। एक मैच बाद रिचर्डसन भी चोटिल हो चुके थे और अब बोलैंड को ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का मौका मिला।
पहली पारी में साधारण गेंदबाजी फिर चार ओवरों में खत्म किया मैच
32 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे बोलैंड शुरुआत में बहुत ही साधारण नजर आ रहे थे। पहली पारी में वो ऑस्ट्रेलिया के सबसे महंगे गेंदबाज रहे और 13 ओवरों में 48 रन खर्चे। इस दौरान उन्हें सिर्फ मार्क वुड का विकेट मिला। इसके बाद दूसरी पारी में उन्हें दिन का खेल खत्म होने से पहले गेंदबाजी का मौका मिला। उन्होंने एक ही ओवर में ओपनर हसीब हमीद और नाइट वाचमैन जैक लीच के पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। अगले दिन वापस आने पर भी बोलैंड उसी लय में नजर आए और जैसे ही गेंद उनके हाथ में आई उन्होंने इंग्लैंड की टीम को समेट दिया।
2016 में खेला था पहला मैच
बोलैंड लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन टेस्ट में डेब्यू करने से पहले उनका प्रदर्शन बहुत ही साधारण रहा था। 2016 में ऑस्ट्रेलिया के लिए 14 वनडे मैच खेलने वाले बोलैंड ने 16 विकेट अपने नाम किए थे। उनकी इकोनॉमी भी 6.08 की थी। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 67 रन देकर तीन विकेट था। वहीं 2016 में ही तीन टी-20 मैच में उन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए थे। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 8.18 की थी। ऐसे साधारण प्रदर्शन के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया था और अब पांच साल बाद उन्होंने धमाकेदार वापसी की है।