अगर इंग्लैंड इस मैच में वापसी करता भी है तो 2-2 की बराबरी के बाद ट्रॉफी ऑस्ट्रलिया के पास ही रहेगी। जाहिर सी बात है कि अगले मैच में दबाव मेजबान टीम पर ही होगा। इंग्लैंड को अगर इस सीरीज का आखिरी मैच जीतना है तो उसे इस सीरीज की 5 टेस्ट पारियों में 671 रन बनाने वाले पूर्व ऑस्ट्रलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ पर काबू पाना होगा। टेस्ट रैंकिंग मे नंबर 1 पर चल रहे स्मिथ ने इस सीरीज में अब तक 3 शतक और 2 अर्धशतक लगाए हैं। इसमें एक दोहरा शतक भी शामिल है।
कमिंस और हेजलवुड के अटैक से बचना मुश्किल
ऑस्ट्रेलिया की ताकत उसकी तेज गेंदबाजी भी रही है। जोश हेजलवुड और दुनिया के नंबर एक गेंदबाज पैट कमिंस मिलकर 42 विकेट ले चुके हैं। दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज और गेंदबाज के टीम में होने से आस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर की दिक्कतें भी कम हुई हैं। उन्होंने दूसरे खिलाड़ियों से भी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन करने का आग्रह किया है।
इंग्लिश कप्तान जो रूट आखिरी मुकाबले के लिए वनडे की वर्ल्ड चैम्पियन टीम को थोड़ा प्रोत्साहित करना होगा। उनकी लगातार असफलताओं से सवाल उठने लगे हैं, लेकिन टीम से विदा हो रहे कोच ट्रेवर बेलिस कप्तान के समर्थन में खड़े हैं। बेलिस कहते हैं, 'किसी निर्णय की वजह से अब तक किसी ने उनपर सवाल खड़े नहीं किए हैं। वह किसी भी तरह के दवाब में नहीं हैं।'
बैटिंग में रूट के प्रदर्शन पर बेलिस ने कहा, 'हर किसी के करियर में ऐसा वक्त आता है जब वह जितना चाहता है, उतना रन नहीं बना पाता। मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उनके खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की है।' बेन स्टोक्स को 13 सदस्यीय टीम में तो जगह मिली है, लेकिन वह गेंदबाजी के लिए फिट हैं या नहीं, यह देखा जाना बाकी है।
घायल स्टोक्स दिखा पाएंगे कमाल?
स्टोक्स इस सीरीज में इंग्लैंड की तरफ से टॉप स्कोरर हैं, और उन्होंने 2 शतक समेत कुल 354 रन बनाए हैं। दाहिने कंधे में चोट की वजह से उपकप्तान स्टोक्स ट्रैफर्ड टेस्ट की दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। उनके आलावा रोरी बर्न्स का ही प्रदर्शन कुछ संतोषजनक रहा। टीम के बाकी बल्लेबाज पूरी तरह से फेल रहे हैं। एंडरसन की गैरमजूदगी में गेंदबाजी की कमान स्टुअर्ट ब्रॉड और जोफ्रा आर्चर के हाथों में होगी।