भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर ऐसा जख्म दिया है जिसका दर्द उन्हें सालों तक सालता रहेगा। सीरीज शुरू होने के पहले माना जा रहा था कि विजय रथ पर सवार टीम इंडिया आसानी से सीरीज में जीत हासिल कर लेगी। लेकिन पुणे में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम इंडिया ने वापसी करते हुए बंगलूरू टेस्ट जीता। रांची में खेला गया तीसरी टेस्ट बराबरी पर समाप्त हुआ। लेकिन धर्मशाला में टीम इंडिया ने कंगारूओं को पटखनी देते हुए सीरीज अपने नाम कर ली।
सीरीज खत्म होने के बाद एक ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ने विराट से पूछा, क्या मैदान के बाहर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सीरीज से पहले की तरह उनके दोस्त बने रहेंगे। इस सवाल के जवाब में विराट ने कहा, नहीं इसमें बदलाव जरूर होगा। विराट ने कहा वह एक घटना हो सकती है लेकिन अब दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच दोस्ती नहीं हो सकती। विराट ने आगे कहा मुझे पहले लगता था कि मैच में जीत हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धी होते हैं लेकिन कंगारूओं ने दूसरे कदम उठाए। उनके बारे में मैं गलत साबित हुआ। अब मैं इस तरह की बातें कभी नहीं करूंगा। हालांकि विराट ने डीआरएस घटना के बाद स्मिथ को चीटर कहा था। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का एक वर्ग विराट के लिए हमलावर हो गया। एक अखबार ने तो विराट को खेल की दुनिया का डोनाल्ड ट्रंप तक करार दे दिया।
टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले विराट ने कहा था कि मेरी मैदान के बाहर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अच्छी दोस्ती है। मैं उन्हें अच्छे से जानता हूं लेकिन मुझे मालूम है कि दोस्ती की रेखा कहां खींचनी है। जब आप मैदान में खेलने उतरते हैं तब सब कुछ भूल जाते हैं। चाहे अपने भाई के खिलाफ भी खेलने क्यों न उतरें। लेकिन सीरीज के बाद उनकी सोच बदल गई है।
शायद ये वो वजहें है जिनके कारण विराट ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को दोस्ती के लायक नहीं मानते हैं।