ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में जल्द ही ट्रांसजेडर खिलाड़ी खेलते नजर आ सकते हैं। 8 अगस्त को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड (CA) ने एक गाइडलाइन जारी की है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति के मुताबिक जो राज्य और राष्ट्रीय महिला टीम में खेलने की इच्छा रखते हैं वो ट्रांसजेंडर और लिंग-विविध खिलाड़ियों के लिए एक टेस्टोस्टेरोन (पुरुष और स्त्री के हारमोन वाला टेस्ट) सीमा निर्धारित की है।
ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम में शामिल होने के लिए ट्रांसजेंडर खिलाड़ी को टेस्टोस्टेरोन मापदंड पर खरा उतरना होगा। ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को 12 महीनों में कम से कम 10 नैनोमीटर प्रति लीटर से कम का टेस्टोस्टेरोन सांद्रता का टेस्ट देना होगा।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड का ये निर्णय आईसीसी के लिंग विविधता दिशानिर्देशों से निकटता से जोड़ता है। दिशानिर्देशों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने, गोपनीयता और व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने भी शामिल है।