ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट टीम का 86 साल पुराना इतिहास है। जब भारत अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था, तब 1935 में ऑस्ट्रेलिया की महिलाएं, इंग्लैंड की महिला टीम से अपना पहला टेस्ट मैच खेल रही थी।
स्त्री अपने आप में एक संपूर्ण और सक्षम व्यक्तित्व हैं, उसमें संरचनात्मक और संवेदनात्मक जैसे अनेक गुण हैं, इस बात को आखिरकार ऑस्ट्रेलिया में भी मान लिया गया। देशभर में क्रिकेटर्स की 73 मूर्तियां स्थापित हैं, लेकिन सारी पुरुष खिलाड़ियों की, अब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने महिला खिलाड़ियों को उनका उचित सम्मान दिलाने का फैसला लिया है।
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इसे लैंगिक समानता की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है। कांसे में किस महिला खिलाड़ी को अमर किया जाएगा, इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन यह मूर्ती सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में स्थापित होगी। सिर्फ इतना ही नहीं महिला क्रिकेटर्स के नाम पर अब मैदान और स्टैंड्स का भी नामकरण होगा। साथ ही साथ गवर्निंग काउंसिल उनके बेहतर भविष्य के लिए कार्यकारिणी का भी गठन करेगा।
ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट टीम का 86 साल पुराना इतिहास है। जब भारत अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था, तब 1935 में ऑस्ट्रेलिया की महिलाएं, इंग्लैंड की महिला टीम से अपना पहला टेस्ट मैच खेल रही थी।
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आज ही के दिन ठीक एक साल पहले ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय महिला टीम को हराकार टी-20 विश्व कप अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम छह एकदिवसीय विश्व कप, पांच वर्ल्ड टी-20 के साथ तीनों फॉर्मेट में कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कर चुकीं हैं। ब्रैडमैन संग्रहालय की निदेशक रिना होर न्यू साउथ वेल्स राज्य की महिला क्रिकेटर भी रह चुकीं हैं। इस घोषणा के बाद वह भावुक नजर आईं।