वहीं, कमिंस की जगह स्टीव स्मिथ कप्तानी करते दिखेंगे। कमिंस जांघ में चोट की समस्या से जूझ रहे हैं और पर्थ में शुरुआती टेस्ट के आखिरी दो दिनों में गेंदबाजी नहीं की थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहला टेस्ट 164 रनों से जीता था। कमिंस ने एडिलेड में गुरुवार से शुरू होने वाले दूसरे डे-नाइट टेस्ट के लिए फिट होने का भरोसा जताया था, लेकिन समय पर नहीं उबर पाए हैं।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा- मेडिकल स्टाफ टीम एडिलेड में कमिंस की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कमिंस रिकवर भी कर रहे हैं। हालांकि, चयनकर्ताओं का माना है कि तेज गेंदबाज मैच के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हो पाया है। ऐसे में उन्हें आराम दिया जाना ही सही विकल्प था। कमिंस पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में भी कोरोना के संपर्क में आने पर नहीं खेल पाए थे। तब भी उप-कप्तान स्मिथ उस टेस्ट में कप्तान बने थे।
बोलैंड पिछले साल एशेज में खेले थे, लेकिन इस साल लगातार विदेशी दौरों के लिए उनकी अनदेखी की गई। ऑस्ट्रेलिया इस समर पांच टेस्ट खेलेगा, जिसमें से वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के बाद तीन मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शामिल हैं। कमिंस इस महीने के अंत में ब्रिसबेन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में वापसी कर सकते हैं।
कमिंस के बिना भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पर्थ में खेले गए पिछले मैच में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। नाथन ल्यॉन ने दूसरी पारी में 128 रन देकर छह विकेट झटके थे। वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच अगला टेस्ट डे-नाइट होगा। डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने सभी नौ पिंक बॉल टेस्ट में जीत हासिल की है। इनमें से छह एडिलेड ओवल में खेले गए हैं।
वहीं, वेस्टइंडीज की टीम भी खिलाड़ियों की चोट की समस्या से जूझ रही है। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज एनक्रमा बोनर चोटिल हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस सप्ताह खेलने के लिए फिट होंगे या नहीं। वेस्टइंडीज का पेस अटैक भी संघर्ष कर रहा है। काइल मेयर्स (कंधे में खिंचाव) पर्थ की दूसरी पारी में गेंदबाजी करने में असमर्थ रहे थे, जबकि केमार रोच हैमस्ट्रिंग में खिंचाव की वजह से नहीं खेल रहे हैं। जेडेन सील्स घुटने के दर्द से जूझ रहे हैं।