एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में शानदार जीत दर्ज करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरे मैच में भी शानदार शुरुआत की है। एडिलेड में पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट के नुकसान पर 221 रन बना लिए हैं। कप्तान स्मिथ और मार्नस लाबुशेन क्रीज पर जमे हुए हैं। इन्हीं दोनों बल्लेबाजों पर ऑस्ट्रेलिया को बड़े स्कोर तक ले जाने की जिम्मेदारी होगी। मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया के ओपनर डेविड वार्नर ने 95 रनों की बेहतरीन पारी खेली। वहीं लाबुशेन इसी स्कोर पर नाबाद हैं। इंग्लैंड के लिए स्टुअर्ट ब्रॉड ने पहला विकेट निकाला, जबकि स्टोक्स ने वार्नर को आउट किया। इसके अलावा कोई दूसरा गेंदबाज कुछ खास नहीं कर सका।
इस मैच में स्टीव स्मिथ लगभग तीन साल बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान के रूप में उतरे। ऑस्ट्रेलिया के नियमित टेस्ट कप्तान पैट कमिंस कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए थे। इसलिए सुरक्षा के चलते उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग कर दिया गया है। स्मिथ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उनके बल्लेबाजों ने इस फैसले को साबित किया। हालांकि ओपनर हैरिस सस्ते में पवेलियन लौटे। ब्रॉड ने उनका विकेट लिया, लेकिन इसके बाद कंगारुओं ने शानदार बल्लेबाजी की।
वार्नर लाबुशेन की शानदार साझेदारी
ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट चार रन पर गिरने के बाद डेविड वार्नर और मार्नस लाबुशेन ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 172 रन की साझेदारी की। इसके बाद वार्नर स्टोक्स की गेंद पर चौका मारने की कोशिश में कैच आउट हुए। वार्नर के बाद कप्तान स्मिथ क्रीज पर आए और उन्होंने लाबुशेन के साथ 45 रन की साझेदारी की। इन दोनों ने इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को कोई झटका नहीं लगने दिया। स्मिथ 18 और लाबुशेन 95 रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए हैं।
इंग्लैंड के गेंदबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन
गुलाबी गेंद के साथ इंग्लैंड के गेंदबाज कुछ खास नहीं कर पाए। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के टीम में लौटने से इंग्लैंड की गेंदबाजी मजबूत हुई है। इस मैच में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन एंडरसन, ब्रॉड, वोक्स, रॉबिंसन और स्टोक्स की जोड़ी कुछ खास नहीं कर पाई। हालांकि स्टोक्स और ब्रॉड को एक-एक विकेट जरूर मिला। कप्तान रूट ने भी इस मैच में 11 ओवर किए, लेकिन उन्हें भी कोई विकेट नही मिला। इस पिच में पहले दिन ही स्पिन गेंदबाज को मदद मिल रही थी, लेकिन इंग्लैंड के पास कोई स्पिन गेंदबाज नहीं था। इसी वजह से रूट को लंबे समय तक गेंदबाजी करनी पड़ी।
बटलर का खराब प्रदर्शन
इस मैच में जोश बटलर ने दो बार लाबुशेन का कैच छोड़ा और वो अभी भी 95 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। बटलर ने जब पहली बार उनका कैच छोड़ा तब वो 21 रन पर खेल रहे थे। इस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 62 रन पर एक विकेट था। यहीं पर दूसरा विकेट लेकर इंग्लैंड कंगारुओं पर दबाव बना सकता था, लेकिन बटलर ने यह मौका छोड़ा। दूसरी बार बटलर ने दिन का खेल खत्म होने से पहले लाबुशेन का कैच छोड़ा। इस समय वो 95 पर बल्लेबाजी कर रहे थे।
अब इंग्लैंड के दूसरे दिन के पहले सेशन में ही कई विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में रोकना होगा। अगर जो रूट की टीम ऐसा नहीं कर पाती है तो लगातार दूसरे मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है। गुलाबी गेंद के साथ ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड पहले ही काफी शानदार है।