100 साल में पहली बार
दो दिन में एशेज सीरीज का यह मुकाबला निपट गया, जो 100 साल के एशेज इतिहास में पहली बार हुआ। इससे पहले 1921 में नॉटिंघम में खेला गया मैच दो दिन में समाप्त हुआ था। पर्थ में खेले गए इस मैच में कुल 847 गेंदें फेंकी गईं, जो 20वीं सदी से अब तक खेले गए किसी एशेज टेस्ट मुकाबले में फेंकी गई सबसे कम गेंदें हैं। वहीं, एशेज इतिहास में तीसरी बार सबसे कम गेंदों में मुकाबला समाप्त हो गया।
कब-कब दो दिन में समाप्त हुए एशेज मुकाबले
- लॉर्ड्स, 1888
- द ओवल, 1888
- मैनचेस्टर, 1888
- द ओवल, 1890
- नॉटिंघम, 1921
- पर्थ, 2025
गेंदों के हिसाब से सबसे छोटे एशेज टेस्ट
- 788, मैनचेस्टर 1888
- 792, लॉर्ड्स 1888
- 847, पर्थ 2025
- 911, सिडनी 1895