2010 में लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में नाम आने के बाद प्रतिबंध झेल रहे पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ ने मामले में अपनी भूमिका कबूली कर ली है।
आसिफ ने इसके लिए पूरे देशवासियों से माफी भी मांगी है।
लगभग तीन साल पहले आईसीसी द्वारा सात साल की सजा पा चुके 30 वर्षीय आसिफ ने कहा, ‘2011 में आईसीसी ट्रिब्यूनल से जो सजा मुझे मिली मैं उसे स्वीकार करता हूं। मेरी गलती के कारण मेरे देश का और पाकिस्तानी क्रिकेट पूरी दुनिया के करोड़ों प्रशंसकों में जो बदनामी हुई है उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं जब पूर्व में किए अपने प्रदर्शनों को देखता हूं तो मुझे काफी दुख पहुंचता है। मैं उन हर युवाओं से आग्रह करूंगा कि देश का प्रतिनिधित्व करते समय कभी किसी भ्रष्टाचार में लिप्त मत होना। अगर किसी को इस दिशा में मेरी मदद चाहिए तो मैं तैयार हूं।’
गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान आसिफ के साथ ही उस समय के कप्तान सलमान बट और तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर पर स्पॉट फिक्सिंग के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था।