जयसूर्या का अभिषेक शर्मा को लेकर बयान
- फोटो : ANI
श्रीलंका के मुख्य कोच और पूर्व महान बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की निडर बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने अभिषेक को अपना नैसर्गिक खेल खेलने की पूरी आजादी दी है और इसी का नतीजा है कि उन्होंने मौजूदा एशिया कप में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
टीम प्रबंधन ने दिया आत्मविश्वास
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयसूर्या ने कहा, 'वह (अभिषेक) अपना स्वाभाविक खेल दिखा रहा है और टीम प्रबंधन ने उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया है। यही सबसे जरूरी है क्योंकि अगर कोई अपना स्वाभाविक खेल दिखा रहा है तो हमें उसे अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।'
जयसूर्या ने माना कि ग्रुप स्टेज में बड़ी पारियां खेलने में विफल रहने के बाद अभिषेक ने सुपर-चार चरण में खुद को पूरी तरह से साबित किया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 74, बांग्लादेश के खिलाफ 75 और श्रीलंका के खिलाफ 61 रन बनाए।
अभिषेक की समझदारी और परिपक्वता
जयसूर्या ने कहा कि अभिषेक सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि समझदार क्रिकेटर भी हैं। उन्होंने कहा, 'जब भी वह थोड़ा धीमा होना चाहता है तो वह यह भी जानता है कि कैसे धीमा होना है। इसलिए छह ओवर (पावरप्ले) के बाद अगर वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करना चाहता है तो वह ऐसा कर रहा है। इसलिए दिन-प्रतिदिन वह (अधिक) रन बना रहा है और काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है।'
भारत के खिलाफ कोई मानसिक अवरोध नहीं
जयसूर्या ने साफ किया कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मानसिक अवरोध का शिकार नहीं थी। उन्होंने कहा, 'मैं मैच को नियमित समय में खत्म करना पसंद करता। कोई भी कप्तान या कोच सुपर ओवर में नहीं जाना चाहता। दुर्भाग्य से दासुन (शनाका) तीसरा रन पूरा करने से चूक गए। लेकिन भारत के खिलाफ कोई मानसिक अवरोध नहीं था। हमारा बल्लेबाजी क्रम मजबूत है और हमने उन्हें आत्मविश्वास दिया। 200 (203) के लक्ष्य का पीछा करना कभी आसान नहीं होता लेकिन हमने इसे लगभग हासिल कर ही लिया था जो हमारी क्षमता को दर्शाता है।'
खिलाड़ियों की तारीफ और भविष्य को लेकर उम्मीद
जयसूर्या ने पथुम निसांका और कुसाल परेरा की तारीफ की जिन्होंने दूसरे विकेट के लिए 70 गेंदों पर 127 रन जोड़े। उन्होंने कहा, 'जब आप 202 रन का पीछा कर रहे हो तो आपको लगातार बाउंड्री लगानी होती हैं। उनकी साझेदारी अहम थी। जब हमने विकेट गंवाने शुरू किए तो लय बिगड़ गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि किसी को तो जोखिम उठाना ही पड़ता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'दुर्भाग्य से पथुम गलत समय पर आउट हो गए और बाद में गेंद अधिक टर्न लेने लगी। फिर भी यह क्रिकेट का एक बहुत अच्छा मैच था। कुसाल हमारी टीम में स्पिन के खिलाफ सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने यह भूमिका फिर से बखूबी निभाई। हालांकि मैं चाहता था कि वह अधिक समय तक बल्लेबाजी करें।'
जयसूर्या ने निसंका की भी तारीफ की
जयसूर्या ने निसांका की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा, 'पथुम को हाल ही में पैर की मांसपेशियों में चोट की समस्या का सामना करना पड़ा लेकिन फिर भी उन्होंने टीम के लिए पूरा जोर लगाया जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' हालांकि श्रीलंका ने अपने तीनों सुपर-चार मुकाबले गंवाए, जयसूर्या ने कहा कि यह टीम बहुत आगे तक जा सकती है और इस हार से उन्हें सीखने का मौका मिलेगा।