पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एशिया कप से अपना नाम वापस लेने की जोखिम नहीं उठाना चाहता है। पीसीबी के चेयरमैन नजम सेठी ने कहा कि यदि पाकिस्तान इस साल होने वाले एशिया कप में नहीं खेलता है तो उसे 3 मिलियन डॉलर (लगभग 24 करोड़) का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह बात उसूलों की है और जरूरत पड़ी तो वह इस नुकसान को भरने के लिए भी तैयार है।
पाकिस्तान को सितंबर में एशिया कप की मेजबानी करनी है लेकिन भारतीय टीम पाकिस्तान का दौरा करने को तैयार नहीं है। पीसीबी ने एक प्रस्ताव रखा है कि भारतीय टीम अपने मैच तटस्थ स्थल पर खेल सकती है और बाकी मैचों की मेजबानी पाकिस्तान ही करे।
नजम सेठी ने कहा कि अगर हमारे प्रस्ताव को नहीं माना गया तो हम बाकी किसी कार्यक्रम को स्वीकार नहीं करेंगे और टूर्नामेंट में हिस्सा भी नहीं लेंगे। हम अपनी मेजबानी का अधिकार नहीं छोड़ेंगे। पीसीबी चेयरमैन ने कहा कि आईसीसी का 80 प्रतिशत राजस्व भारत और पाकिस्तान के मैचों से ही आता है।
पीसीबी के चेयरमैन ने माना कि यदि एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) पीसीबी के प्रस्ताव को मान लेती है तो आईसीसी पर भी विश्वकप के लिए ऐसे ही प्रस्ताव का दबाव आएगा। साथ ही माना कि अगर पाकिस्तान ने भारत में होने वाले विश्वकप में हिस्सा नहीं लिया तो आईसीसी से उसके रिश्ते खराब होंगे।