हालांकि, मैच के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने रिजवान की बैटिंग पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में कहा- रिजवान का नॉट आउट जाना मेरे हिसाब से सही नहीं था। यदि आप वहां हैं, तो एक-दो बाउंड्री मारने की कोशिश करें और रन बनाएं। इसके बाद आउट होकर वापस आएं और नए खिलाड़ियों को आने का मौका दें। पाकिस्तान के पास आसिफ अली, इफ्तिखार अहमद, नवाज, शादाब हैं। पाकिस्तान के पास आठवें-नौवें नंबर तक बल्लेबाजी है। इस फॉर्मेट में 57 गेंदों में 75 रन बनाकर नॉट आउट होने का क्या मतलब है?
इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर इस बयान का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि वह वसीम अकरम द्वारा रिजवान को लेकर दिए गए बयान से सहमत नहीं हैं। हालांकि, इंजमाम ने यह भी कहा कि रिजवान को रिस्क लेना चाहिए था। इंजमाम ने कहा- मैं वसीम भाई के उस बयान से सहमित नहीं रखता कि रिजवान को आउट हो जाना चाहिए था। हां उस वक्त आसिफ को बल्लेबाजी का मौका मिलता तो और अच्छा होता।
इंजमाम ने कहा- मुझे लगता है कि वसीम भाई का मतलब था कि टॉप-3 को 12-13 ओवर खेलने की कोशिश करनी चाहिए। हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ हमारे टॉप-3 आखिरी तक रहे। रिजवान को आखिर में बड़े शॉट लगाने चाहिए थे। उन्हें एक बैटिंग प्लान बनाना चाहिए था। हमारी समस्या मैच के 10वें ओवर तक थी, जहां हमने केवल 64 रन बनाए। हॉन्गकॉन्ग जैसी टीम के खिलाफ यह बड़ा स्कोर नहीं था। अगर हमारे निचले क्रम को आखिरी कुछ ओवरों में खेलने का मौका मिलता तो बेहतर होता।