इंग्लैंड दौरे में लगातार फ्लॉप रहने के बाद दिनेश कार्तिक को एशिया कप में मौका दिया गया। चौथे और पांचवें क्रम के बल्लेबाज की तलाश में दिनेश कार्तिक को परखना टीम इंडिया को फायदा नहीं दे पाया। कार्तिक शुरुआत तो अच्छी करते, लेकिन उसे बड़े स्कोर में तब्दील करने से हर बार चूक जाते। ऐसे में उनकी जगह ऋषभ पंत को मौका दिया जा सकता है।
हांगकांग के खिलाफ 38 गेंदों में 33 रन
पाकिस्तान के खिलाफ जरूर नाबाद 37 गेंदों में 31 रन
बांग्लादेश के खिलाफ 3 गेंदों में 1 रन नाबाद
पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी नहीं मिली
अफगानिस्तान के खिलाफ 66 गेंदों में 44 रन
बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल 61 गेंदों में 37 रन
एमएस धोनी विकेट की पीछे जितने चुस्त और फुर्तीले नजर आते हैं। विकेट के सामने यानी बल्लेबाजी में वे बुरी तरह फ्लॉप हो जाते हैं। विराट की गैरमौजूदगी में मध्यक्रम की जिम्मेदारी धोनी के कंधों पर थी। मगर कई मौकों पर देखा गया कि बेहद धीमी पारी से टीम के दूसरे बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जा रहा है।
हांगकांग के खिलाफ खाता नहीं खोल पाए
पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी नहीं आई
बांग्लादेश के खिलाफ 37 गेंदों में 33 रन
पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी नहीं मिली
अफगानिस्तान के खिलाफ 17 गेंदों में 8 रन
बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल 67 गेंदों में 36 रन
एशिया कप में केदार जाधव ने अपनी ऑलराउंड प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। पहले लीग मैच में पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार बॉलिंग के बाद फाइनल में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह टीम को आखिरी गेंद में जीत दिलाई, वो काबिल-ए-तारीफ है।
मगर उनका बार-बार चोटिल होना टीम के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं। फाइनल में एक बार फिर उनकी मांसपेशियों में खिंचाव हो गया, जिसके चलते वे 3 माह तक टीम से बाहर थे। इससे पहले आईपीएल के पिछले सत्र के अपने पहले मुकाबले में मांसपेशियों मे खिंचाव के कारण आईपीएल और इंग्लैंड एवं आयरलैंड दौरे पर गई भारतीय टीम से बाहर रहे।