ऐतिहासिक ईडन गार्डंस पर खेले गए सीरीज के तीसरे मैच में इंग्लैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त बना लिया है।
मैच की दूसरी पारी में 41 रनों के लक्ष्य को इंग्लैंड ने 12.1 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। साल 1999-2000 के बाद ये पहला मौका है जब भारतीय टीम अपनी जमीन पर लगातार दो टेस्ट मैच हारी है।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम को आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा की भारतीय स्पिन जोड़ी ने शुरुआती तीन झटके दिए। आर अश्विन ने पहले ही ओवर में एलेस्टर कुक(1) को धोनी के हाथों कैच करवाया। इसके बाद प्रज्ञान ओझा ने जोनाथन ट्रॉट(3) को LBW कर दिया। अश्विन ने अपने अगले ही ओवर में केविन पीटरसन को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। लेकिन इयान बेल (28 नाबाद) और निक कॉम्पटन (9 नाबाद) ने टीम को विजय लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टर कुक को मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहली पारी में 190 और दूसरी पारी में एक रन बनाए।
भारत दूसरी पारी में 247 पर ऑलआउट
भारत ने चौथे दिन के नौ विकेट पर 239 रन से आगे खेलना शुरू किया। मैच के पांचवे दिन पहले ओवर में अश्विन ने आठ रन बटोरकर अपने इरादे जताए लेकिन अगले ही ओवर में प्रज्ञान ओझा(3) को बोल्ड कर जेम्स एंडरसन ने भारत को दूसरी पारी में 247 पर समेट दिया। भारत ने 84.4 ओवरों मे कुल 247 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने 41 रनों का मामूली लक्ष्य रखा।
ऑलराउंडर के रूप में उभरे अश्विन
नाबाद 91 रन बनाने वाले अश्विन ने 183 मिनट क्रीज पर रहकर 157 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 15 चौके भी जड़े। अपनी साहसिक पारी की बदौलत अश्विन तीसरे ऑलराउंडर के रूप में उभरकर सामने आए हैं जिसने अपने करियर के पहले 11 टेस्टों मे 500 से अधिक रन बनाए हैं तथा 50 से अधिक विकेट झटके हैं।
भारत ने पहली पारी में 207 रन के बडे़ अंतर से पिछडने के बाद चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 239 रन बनाए। लेकिन भारत इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीम के सामने महज 41 रन की बढ़त ही पा सका और उसे पांचवें दिन तक खींचे मुकाबले में सात विकेटों से हार का सामना करना पड़ा।
भारत की ओर से दूसरी पारी में ओपनिंग जोड़ी गौतम गंभीर (40) और वीरेंद्र सहवाग ने (49) रनों की पारी खेली लेकिन इसके बाद टीम का कोई बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। चेतेश्वर पुजारा (08), सचिन तेंदुलकर (05) विराट कोहली (20) युवराज सिंह (11) कप्तान धोनी (शून्य) बनाकर चलते बने। एक समय भारत ने महज 155 रन पर अपने सात विकेट गंवा दिए थे।
भारतीय बल्लेबाजों को देखकर यह साफ लग रहा था कि उनमें आत्मविश्वास और जीत के जज्बे दोनों की भारी कमी है। इतना ही नहीं टीम के बल्लेबाजों के साथ.साथ गेंदबाजी क्रम भी इंग्लैंड के सामने काफी कमजोर दिखाई दिया। गेंदबाजों ने महंगी गेंदबाजी की और काफी रन लुटाए जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने पहली पारी में 523 का विशाल स्कोर बना लिया। भारतीय गेंदबाज ओझा को तीसरे टेस्ट में कुल पांच और अश्विन को भी पांच विकेट मिली।
इंग्लैंड के तेज और स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन उसके बल्लेबाजों की तरह ही कमाल का रहा। इंग्लैंड की ओर से तीसरे टेस्ट में जेम्स एंडरसन ने कुल छह, स्टीवन फिन ने चार, सन ऑफ सरदार के नाम से मशहूर मोंटी पनेसर ने पांच और ग्रीम स्वान ने कुल तीन विकेट अपने नाम किए।
इंग्लैंड ने कप्तान कुक की शानदार 190 रनों की पारी की बदौलत पहली पारी में 523 का बड़े स्कोर बनाकर 207 रन की बढ़त बनाई थी जबकि भारत अपनी पहली पारी में 316 रनों का स्कोर ही बना सका था जबकि उसने दूसरी पारी में सभी विकेट गंवाकर 247 रन बनाए थे।
इंग्लैंड इस समय सीरीज में 2-। से आगे है। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहला अहमदाबाद टेस्ट जीता था लेकिन इसके बाद मुंबई टेस्ट उसे दस विकेटों से गंवाना पड़ा था। ऐसे में अब भारत के सामने सीरीज गंवाने का खतरा भी पैदा हो गया है। भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा और सीरीज का अंतिम टेस्ट 13 से 17 दिसंबर तक नागपुर में खेला जाएगा।
संक्षिप्त स्कोरः भारत पहली पारी-316, इंग्लैंड पहली पारी-523, भारत दूसरी पारी-247, इंग्लैंड दूसरी पारी-41/3, परिणाम-इंग्लैंड 7 विकेट से जीता, मैन ऑफ द मैच-एलेस्टकर कुक।