भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने कहा है कि दबाव की स्थिति का सामना करने में धोनी भारत के श्रेष्ठ कप्तान हैं। जल्द ही 37 साल के होने जा रहे बाएं हाथ के गेंदबाज नेहरा ने कुछ समय पहले क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप के लिए टीम में वापसी की और टी-20 विश्व कप में अपने शानदार प्रदर्शन से वह ‘टूर्नामेंट की टीम’ में भी चुने गए।
नेहरा ने कहा कि मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व में जब 1999 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था तब से मैंने कई कप्तानों के मार्गदर्शन में खेला लेकिन जब दबाव में संयम बनाए रखने की बात आती है तो धोनी सर्वश्रेष्ठ हैं। मैंने दबाव की स्थिति में उनके जितना कूल कोई कप्तान नहीं देखा।
नेहरा को इस बात का मलाल है कि जब 2009 में धोनी ने उनसे टेस्ट क्रिकेट में वापसी के बारे में पूछा था तो उन्होंने जवाब नहीं दिया था। नेहरा ने केवल 17 टेस्ट मैच खेले हैं और उन्हें यह अखरता है।
नेहरा ने कहा कि 2009 में मुझसे धोनी और कोच गैरी कर्स्टन ने पूछा था कि क्या मैं टेस्ट क्रिकेट में वापसी करना चाहता हूं। उस समय मुझे सकारात्मक जवाब देना चाहिए था। मैं उस समय 30-31 साल का था लेकिन मैं अपनी वापसी को लेकर आश्वस्त नहीं था जबकि दो साल पहले मैंने 35 साल की उम्र में छह चार दिवसीय मैच खेले। इसलिए मुझे लगता है कि मुझे 17 से ज्यादा टेस्ट मैच खेलने चाहिए थे।