युवा बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन लॉर्ड्स टेस्ट में 4 दिन तक प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं थे। अचानक ही मैच के 5वें दिन खेल शुरू होने से कुछ समय पहले उन्हें पता चला कि स्मिथ की जगह आज वह खेलेंगे। मानसिक तौर पर उनके लिए यह कुछ चुनौतीपूर्ण तो रहा होगा। चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया लॉर्ड्स टेस्ट बचाने के लिए (ड्रॉ) उतरा था। पारी के छठे ही ओवर में लाबुशेन की बैटिंग भी आ गई। लाबुशेन अभी अपनी पारी की दूसरी ही गेंद खेल रहे थे कि आर्चर बाउंसर से ही उनका स्वागत किया और यह गेंद सीधे उनके हेल्मेट पर लगी।
लाबुशेन ने जड़ी उम्दा फिफ्टी
हेलमेट की ग्रिल पर बाउंसर लगता देख इंग्लैंड के फील्डर और खुद गेंदबाज आर्चर कुछ पलों के लिए असहज दिखे, लेकिन लाबुशेन यहां सुरक्षित थे और हेलमेट ने उनका पूरा बचाव किया। हालांकि कुछ पलों के लिए खेल रोका गया और फिर लाबुशेन ने अपना हेमलेट बदलकर अपनी बैटिंग को जारी रखा। अपनी इस पारी में लाबुशेन ने 100 गेंदों का सामना कर कंगारू टीम की दूसरी पारी में सर्वाधिक 59 रन बनाए और इस टेस्ट को ड्रॉ कराने में अहम रोल अदा किया। एशेज सीरीज में 2 टेस्ट के बाद ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे है।
बारिश से प्रभावित इस मैच में पांचवें दिन का खेल गिले आउटफील्ड के कारण एक घंटे देर से शुरू हुआ। इंग्लैंड ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 96 रन से आगे से की। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने पांच विकेट पर 258 रन पर पारी घोषित कर दी। रूट ने जब पारी घोषित की उस समय हरफनमौला बेन स्टोक्स 115 रन पर नाबाद थे। उन्होंने 165 गेंद की आपनी पारी में 11 चौके और तीन छक्के लगाये। विकेटकीपर जानी बेयरस्टो 30 रन पर नाबाद रहे और उन्होंने स्टोक्स के साथ छठे विकेट के लिए 97 रन की अटूट साझेदारी की।
यह श्रृंखला टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नए नियमों के तहत खेली जा रही है जिसमें सिर या गर्दन में चोट खाने वाले खिलाड़ी की जगह वैकल्पिक खिलाड़ी मैदान में उतर सकता है। पहले चोटिल खिलाड़ी की जगह मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी सिर्फ क्षेत्ररक्षण कर सकता था लेकिन अब मैच में पूर्ण रूप से भाग ले सकता है।