श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने श्रीलंकाई खिलाडियों से अपील की है कि वे आईपीएल के छठे संस्करण का बहिष्कार करें। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को पैसे से ज्यादा अपने आत्मसम्मान को प्राथमिकता देने को कहा है।
रणतुंगा ने कहा कि यदि श्रीलंकाई क्रिकेटरों को सभी स्थलों पर नहीं खेलने दिया जाता है तो बेहतर होगा कि वे इसका बहिष्कार करें।
पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, 'यदि आप देश के एक हिस्से में खेलने की अनुमति नहीं पाते हैं तो फिर दूसरे हिस्सों में खेलने की क्या जरूरत है। यदि आप ऐसा करते हैं तो इसका मतलब साफ है कि आप पैसों के लिए खेल रहे हैं।'
मालूम हो कि श्रीलंका में तमिल विरोधी गतिविधियों के चलते तमिलनाडु में श्रीलंकाई खिलाडियों के खेलने का कई युवा संगठन विरोध कर रहे हैं।
आईपीएल-6 से हट चुके हैं श्रीलंकाई
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के इस मामले में हस्तक्षेप के बाद आईपीएल की संचालन परिषद ने चेन्नई में होने वाले आईपीएल-6 के मैचों से श्रीलंकाई खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को हटा लिया है।
श्रीलंका के सांसद रणतुंगा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला राजनीति से ज्यादा कुछ नहीं है और इसमें खेल को घसीटा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में क्रिकेटर अपने प्रशंसकों और मीडिया लोकप्रियता के कारण आसान शिकार बन जाते हैं।
आईपीएल की विभिन्न टीमों में श्रीलंका के 13 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं
जिनमें मुथैया मुरलीधरन, माहेला जयवर्द्धने, कुमार संगकारा, लसित मलिंगा और
तिलकरत्ने दिलशान जैसे धुरंधर शामिल हैं।
चेन्नई सुपरकिंग्स,
दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वारियर्स, रायल चैलेंजर्स बेंगलूर और सनराइजर्स
हैदराबाद में श्रीलंका के दो-दो खिलाड़ी हैं जबकि कोलकाता नाइटराइडर्स,
मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स में एक-एक श्रीलंकाई खिलाड़ी हैं।