दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने कहा कि उनके लिए कोचिंग के पिछले अनुभवों की सबसे बड़ी सीख खिलाड़ियों पर से दबाव कम कर उन्हें सहज रखने में मदद करना था।
कुंबले ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल के बाद कप्तान विराट कोहली के साथ अस्थिर संबंधों के कारण भारतीय कोच पद से त्यागपत्र दे दिया था। हालांकि टीम ने उनके रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। यह 48 वर्षीय पूर्व कप्तान फिर से कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
इस बार वह आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब से क्रिकेट संचालन निदेशक के रूप में जुड़े हैं। वह इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर और मुंबई इंडियंस के लिए मेंटोर की भूमिका निभा चुके हैं।
उन्होंने कहा,‘आरसीबी के साथ हम खिताब नहीं जीत पाए लेकिन दो मौकों पर ट्रॉफी के करीब पहुंचे थे। मुंबई के साथ मैं जो तीन वर्ष रहा उनमें हमें सफलताएं मिली। यह अनुभव शानदार रहा। इससे निश्चिततौर पर (कोच के रूप में) मदद मिलती है। आखिर में यह सब क्रिकेट खेल को लेकर है। अगर आप इसका इस तरह से सरलीकरण कर देते हैं तो काम आसान हो जाता है। जिस क्षण आप परिणाम, जीत, ट्रॉफी को महत्व देना शुरू करते तो आप खिलाड़ियों पर अधिक दबाव बना देते हो। इसलिए मैंने यह सीख ली कि दबाव मुक्त रहो और खिलाड़ियों को सहज रखने में मदद करो। जब वे सहज होकर खेलते हैं तो अच्छा प्रदर्शन करते हैं।’