भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीति के अलावा क्रिकेट के मैदान पर भी कट्टर प्रतिद्वंद्विता देखी जाती है, लेकिन प्रशंसक दोनों टीमों के बीच क्रिकेट मुकाबले को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं, लेकिन आपको यह जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि कुछ क्रिकेटर्स ऐसे भी हैं जिन्हें भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमों के लिए खेलने का मौका मिला।
पाकिस्तान का वजूद 1947 में भारत से अलग राष्ट्र बनने पर सामने आया और उसके बाद वह एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने लगा। यहां तक कि खेल के मैदान पर भी। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने पहली टेस्ट सीरीज भारत के खिलाफ खेली थी। पाक को टेस्ट खेलने का दर्जा 1952 में मिला और फिर उसने भारत का दौरा किया।
आमिर इलाही भी उन चंद क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्हें भारत और पाक दोनों के लिए खेलने का मौका मिला। एक सितंबर, 1908 को लाहौर में पैदा हुए इलाही ने 12 दिसंबर, 1947 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में भारत के लिए टेस्ट करियर की शुरुआत की। टीम इंडिया के लिए यही एक मैच रहा जिसमें वह टेस्ट मैच खेले।
बतौर गेंदबाज टीम में शामिल हुए लेकिन गेंदबाजी का ही मौका नहीं मिला
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आमिर इलाही के साथ खास बात यह रही कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में बतौर गेंदबाज शामिल किया गया, लेकिन इस मैच में उन्हें एक भी गेंद फेंकने का मौका नहीं मिला।
पाकिस्तान को 1952-53 में टेस्ट सीरीज खेलने की अनुमति मिलने के बाद आमिर इलाही ने इस नए देश और टीम के लिए 5 टेस्ट मैच खेले। वह लेग ब्रेक गुगली गेंदबाज होने के साथ-साथ दाएं हाथ के बल्लेबाज भी थे।
भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले आमिर अपने टेस्ट करियर में कुल जमा 6 टेस्ट ही खेल पाए। टेस्ट करियर में उनके नाम 82 रन है जिसमें 47 उनका बेस्ट रहा। बतौर गेंदबाज उन्होंने 7 विकेट निकाले। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट 12 दिसंबर, 1952 को भारत के ही खिलाफ खेला।
आइए, जानते हैं उन अन्य क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने आमिर इलाही से पहले भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच (टेस्ट) खेले।
'पाक क्रिकेट का पिता' भी खेल चुके हैं भारत के लिए
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आमिर इलाही से पहले भारत और बाद में पाकिस्तान टीम के लिए टेस्ट मैच खेलने वालों में सबसे बड़ा नाम आता है गुल मुहम्मद का। 15 अक्टूबर, 1921 को लाहौर में जन्में गुल ने टेस्ट करियर की शुरुआत तो भारतीय टीम के साथ की लेकिन करियर का अंत पाक टीम के साथ किया। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 22 जून, 1946 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला।
गुल मुहम्मद ने 1952-53 में पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती सीरीज में भारत के लिए पहले 2 टेस्ट मैच खेले। 1955 में पाक नागरिकता मिलने से पहले वह भारत में रणजी ट्रॉफी भी खेलते रहे। उन्होंने 1956-57 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेला जिसमें उनके बल्ले से विजयी रन भी निकला। गुल ने कुल 9 टेस्ट खेले जिसमें उनका बेस्ट रहा 34 रन और 2 विकेट भी झटके। 8 मई, 1992 को उन्होंने लाहौर में अंतिम सांस ली।
भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमों के लिए टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे क्रिकेटर हैं अब्दुल हफीज कारदार। 17 जनवरी, 1925 को लाहौर में जन्में कारदार ने टेस्ट करियर की शुरुआत भारत की ओर से खेलते हुए 22 जून, 1946 में की थी। यह मैच इंग्लैंड के खिलाफ था। उन्होंने भारत के लिए 3 टेस्ट खेले और 80 रन बनाए, जिसमें उनकी बेस्ट पारी 43 रनों की रही।
कारदार ही एकमात्र ऐसे क्रिकेटर रहे जिनका टेस्ट करियर लंबा चला। बाएं हाथ के बल्लेबाज और फिरकी गेंदबाज ने अपने करियर में 26 टेस्ट मैच खेले जिसमें 927 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 5 फिफ्टी पारियां खेली और उनका बेस्ट रहा 93 रन। साथ ही 21 टेस्ट विकेट भी झटके। उनका अंतिम टेस्ट मैच 26 मार्च, 1958 को वेस्टइंडीज के खिलाफ रहा।
भारत के लिए खेलकर टेस्ट करियर शुरू करने वाले अब्दुल हफीज कारदार पाकिस्तान टीम के कप्तान भी बने। एक तरह से उन्हें पाक क्रिकेट का पिता कहा जाता है। भारत और पाक दोनों के लिए खेलने वाले 3 क्रिकेटरों में कारदार ही सबसे कामयाब रहे हालांकि उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं निकल सका। 21 अप्रैल, 1996 को अंतिम सांस लेने वाले इस क्रिकेटर ने पाक क्रिकेट के लिए काफी काम किया।